आंवला के क्या फायदे हैं? आंवला है पूरे परिवार के लिए उपयोगी।

आंवला के क्या फायदे हैं

आंवला के क्या फायदे हैं (Amla Ke Kya Fayde Hai), स्वास्थ एवं युवा बने रहना कौन नहीं चाहता ? पर इसका कारगर समाधान ‘आँवला सेवन’ में तलाशा जा सकता है। वैसे भी नवंबर से फरवरी माह तक आँवला सहजता से उपलब्ध रहता है। निःसंदेह आँवला आप और आपके परिवारजनों के स्वास्थ्य के लिए कुदरत की अमूल्य सौगात है।

आंवला के क्या फायदे हैं (Amla Ke Kya Fayde Hai)

आंवला के क्या फायदे हैं
आंवला के क्या फायदे हैं (Amla Ke Kya Fayde Hai)

आंवला के क्या फायदे हैं (Amla Ke Kya Fayde Hai)

आँवले के विशिष्ट गुणों के कारण आयुर्वेद में इसे ‘अमृत फल’ कहा गया है। आँवले का प्रयोग चटनी, अचार, मुरब्बा तथा चूर्ण के रूप में किया जाता है। शरीर की जीवनी शक्ति और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में आँवला विशेष उपयोगी है।

आँवला विटामिन-सी का प्रमुख स्रोत है। खास बात यह है कि आँवले का विटामिन-सी गर्म करने पर भी नष्ट नहीं होता। ‘च्यवनप्राश’ व ‘त्रिफला चूर्ण’ आँवले के ही प्रमुख उत्पाद हैं।

कई रोगों में उपयोगी

आँवला प्रमुख रूप से अम्ल पित्त, नेत्र रोग, बालों के रोग, उदर रोग, रक्त विकार, प्रमेह (इसमें मधुमेह भी शुमार है) और मूत्र अवरोध आदि रोगों में विशेष लाभप्रद है। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा की गई शोध से भी इस तथ्य की पुष्टि की जा चुकी है कि आँवला) नेत्र रोगों में औषधि का काम करता है।

  • आँवला चूर्ण, भँगराज चूर्ण और काले तिल के चूर्ण इन तीनों को समान मात्रा में लें। फिर इसमें मिश्री मिलाकर 5 से 10 ग्राम मात्रा में प्रातः व सायंकाल गर्म मीठे दूध के साथ सेवन करें। इस नुस्खे का प्रयोग कभी भी किया जा सकता है, परंतु इसका प्रयोग सर्दियों के मौसम में विशेष हितकारी है।
  • आँवला चूर्ण, अश्वगंधा चूर्ण और हरड़ चूर्ण इन तीनों को अलग अलग महीन पीसकर समान मात्रा में मिला लें। फिर इसमें मिश्री मिलाएं। इस मिश्रण को 5 से 10 ग्राम मात्रा में सुबह-शाम गर्म जल या दूध के साथ सेवन करें।
  • 5 ग्राम आंवले के चूर्ण को भोजन के बाद पानी के साथ पियें। इस प्रयोग से मधुमेह जैसे रोग के दुष्प्रभाव कम किए जा सकते हैं।
  • बालों की सभी समस्याओं का हल ‘आँवला तेल’ माना जाता है। शरीर के किसी भी भाग में रक्तस्राव रोकने के लिए आँवला रस व वासा रस के साथ शहद या मिश्री का प्रयोग लाभकारी होता है।
  • अम्लपित्त में आमलकी रसायन के साथ शतावरी चूर्ण, शंखभस्म और कामदुधारस का प्रयोग प्रभावी लाभ देता है।

यह भी पढ़े –

Leave a comment

Your email address will not be published.