बढ़ती उम्र के साथ रहें चुस्त-दुरुस्त? व्यायाम है शरीर के लिए बहुत उपयोगी?

बढ़ती उम्र के साथ रहें चुस्त-दुरुस्त, वैसे तो व्यायाम हर उम्र के लोगों के लिए लाभप्रद है। यदि शुरू से ही इस अच्छी आदत को अपनी दिनचर्या का अंग बना लें, तो आप अधेड़ावस्था में होने वाली अनेक शारीरिक शिकायतों से बच सकते हैं। प्रायः अधेड़ावस्था में स्वयं को स्वस्थ व चुस्त-दुरुस्त रखना एक समस्या बन जाता है।

बढ़ती उम्र के साथ रहें चुस्त-दुरुस्त?

बढ़ती उम्र के साथ रहें चुस्त-दुरुस्त
Badhti umar ke sath rahe chust durust

चिकित्सकीय शोध अध्ययन

अनेक चिकित्सकीय शोध अध्ययनों से इस तथ्य की पुष्टि हुई है कि यदि आप प्रतिदिन नियमित तौर पर व्यायाम कर अपने शरीर को फिट रखते हैं, तो आपके लंबे समय तक स्वस्थ व सक्रिय जीवन जीने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। आप तन-मन से स्वस्थ सक्रिय बने रहते हैं और ढलती उम्र के बाद भी आपको अपने दैनिक कार्यों को अंजाम देने में किसी के सहारे की जरूरत नहीं पड़ती।

उम्र और शरीर के अनुरूप व्यायाम

अधेड़ावस्था में उम्र और शारीरिक संरचना के मद्देनजर रखकर ही हल्के-फुल्के व्यायाम करने चाहिए। फिर भी व्यायाम करने से पूर्व अपने चिकित्सक से परामर्श लेना बेहतर रहेगा। याद रखें, व्यायाम करने को किसी उम्र तक सीमित नहीं किया जा सकता।

यह और बात है कि व्यायाम की विधियां हर व्यक्ति के साथ बदलती रहती हैं। किसी व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और बीमारी (मेडिकल प्रॉब्लम्स) के मद्देनजर व्यायाम का स्वरूप बदल सकता है। 70 साल की उम्र के कुछ ऐसे भी व्यक्ति हैं, जो पर्वतारोहण करते हैं, पर इसी उम्र के अन्य व्यक्ति यदि पहाड़ों पर नहीं चढ़ सकते, तो वे कम से कम हल्के-फुल्के व्यायाम तो कर ही सकते हैं। व्यायाम से संबंधित कुछ आवश्यक बातें इस प्रकार हैं:-

  • व्यायाम करने से आपके शरीर की मांसपेशियों के साथ हृदय की भी मांसपेशियां मजबूत होती हैं इस कारण दिल की धड़कन सही रहती है और शरीर में रक्त संचार भी सुचारु रूप से होता यही नहीं, शरीर को ऑक्सीजन की आपूर्ति भी ज्यादा होती है। इस कारण तन-मन से आप स्वयं को तरोताजा महसूस करते हैं।
  • कसरत करने से आपके शरीर के जोड़ (ज्वाइंट) मजबूत होते हैं। जोड़ों में कड़ापन नहीं आ पाता। ढलती उम्र में जोड़ों में कड़ापन आ लगता है। इस कारण कभी-कभी इस उम्र के लोगों को चलने-फिरने में दिक्कत महसूस होती है, पर व्यायाम करने से यह शिकायत पैदा ही नहीं होती।
  • अधेड़ावस्था में टहलना एक उपयोगी व्यायाम है। प्रतिदिन सुबह 20-30 मिनट तक सामान्य कदमों से टहलें। पानी खूब पिएं। यदि आप अपनी उम्र के हो जाती है। कुछ लोगों के साथ टहलें, तो यह क्रिया और भी सुखद हो जाती है।
  • योगासन करने से भी आप स्वस्थ व चुस्त-दुरुस्त बने रह सकते हैं। इस संदर्भ में योगासन विशेषज्ञ से जानकारी लेना बेहतर रहेगा।

सजगता

यदि व्यायाम करने के 5 मिनट बाद भी आपकी नब्ज सामान्य नहीं होती और आप कुछ परेशानी महसूस करते हैं, तो चिकित्सक से संपर्क करें। व्यायाम करने के बाद कुछ समय तक विश्राम करना जरूरी है।

अपने शरीर की क्षमता से अधिक कसरत करना नुकसानदेह है। इसलिए कसरत करते समय जब आपको शरीर में किसी तरह की तकलीफ महसूस हो, तो तत्काल व्यायाम करना बंद कर दें। सख्त कसरतें करने के बजाए हल्के-फुल्के व्यायाम करें, जिससे आपके शरीर पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

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अस्वीकरण – यहां पर दी गई जानकारी एक सामान्य जानकारी है। यहां पर दी गई जानकारी से चिकित्सा कि राय बिल्कुल नहीं दी जाती। यदि आपको कोई भी बीमारी या समस्या है तो आपको डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। Candefine.com के द्वारा दी गई जानकारी किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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Mamta Jain

मैं ममता जैन मीडिया क्षेत्र में मैं तीन साल से जुड़ी हुई हूं। मुझे लिखना काफी पसन्द है और अब मैने यही मेरा प्रोफेशन बना लिया है। मैं जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट हूं। हेल्थ, स्वास्थ्य, मनोरंजन, सरकारी योजना, क्रिकेट, न्यूज़ और ब्यूटी पर लिखने में मेरा स्पेशलाइजेशन है। हेल्थ और ब्यूटी से जुड़ी जानकारी जानने के लिए मुझे फॉलो करें।

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