ब्लैक फंगस क्या है? ब्लैक फंगस के क्या लक्षण है? इससे बचने के उपाय।

ब्लैक फंगस क्या है (Black Fungus Kya Hai):- ब्लैक फंगस को ही मुकरमैक्सिस (Mucormycosis) कहते है। कोरोना के साथ साथ अब एक और बीमारी चर्चा में आ रही है। जिसका नाम है Mucormycosis यानि ब्लैक फंगस । यह बीमारी लोगों की आंखों की रोशन छीनता नजर आ रहा है।

Black Fungus Kya Hai

Directorate of Medical Education and Research (DMER) चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय के प्रमुख डॉ तात्याराव लहाने आई स्पेशलिस्ट ने बताया है। कि यह बीमारी Corona के पहले भी थी। लेकिन इसके केस कोविड-19 के बाद ज्यादा आ रहे हैं।

ब्लैक फंगस क्या है (Black Fungus Kya Hai)?

गुजरात के अहमदाबाद में ब्लैक फंगस के केसेस पिछले कुछ महीनों से लगातार आ रहे हैं। महाराष्ट्र में टास्क फोर्स द्वारा एक एडवाइजरी जारी की गई है। जिसमें डॉक्टरों को यह बताया गया है। कि कैसे इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। और कैसे इस बीमारी से बचा जा सकता है। डॉक्टरों का कहना है की यह बीमारी उन लोगों में ज्यादा पाई जा रही है जिन्हें डायबिटीज की शिकायत हो या फिर जिनका इम्युनो पेशन ड्रग चालू है।

ब्लैक फंगस कैसे फैलता है

  • यह संक्रमण Mucor नामक कवक से होता है। जो वातावरण में सदा मौजूद रहते हैं।
  • नाक में इरिटेशन के साथ स्किन में भी इरिटेशन होती है।
  • यह फंगल इन्फेक्शन नाक के जरिए दिमाग और आंखों पर असर करता है। नाक और आंख से होता हुआ यह संक्रमण दिमाग तक जाता है।
  • आंखों में सूजन होती है। साथ ही साथ काले धब्बे भी दिखने लगते हैं।
  • डायबिटीज वाले पेशेंट कमजोर इम्युनिटी वाले पेशेंट का ब्लैक फंगस से ज्यादा खतरा है।
  • सही समय पर इसका इलाज ना हो पाए तो आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
  • शुरुआत में ही अगर सही से ट्रीटमेंट नहीं कर पाए या इस बीमारी का पता नहीं चल पाए तो यह जानलेवा भी हो सकती है।
  • डॉक्टरों ने बताया है। कि इस बीमारी का इलाज तो है। लेकिन अगर सही समय पर इसका पता चल जाए तो इसे पूरी तरह सही किया जा सकता है।
  • यह बीमारी आंखों के पीछे होती है।
  • कोरोना की पहली लहर में ही गुजरात में इसके कई केस देखने को मिले थे।
  • इस समय रोजाना 15 से 20 केस पिछले दो हफ्तों से सामने आ रहे हैं।
  • ऐसे मरीज जिनका इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर है। और जिन का ब्लड कैंसर का ट्रीटमेंट या फिर लिवर ट्रांसप्लांट हुआ है। या फिर किडनी की समस्या है। उन्हें इनका संक्रमण जल्दी हो सकता है।
  • म्यूकार्माइकोसिस सभी उम्र के लोगों में होता है।
  • इस इन्फेक्शन से बचने के लिए हमें बिल्कुल वैसे ही सावधानी बरतनी है जैसे हम कोरोनावायरस से बचाव के लिए करते हैं।
  • हमें ज्यादा से ज्यादा अपने शुगर लेवल को भी कंट्रोल में रखना होगा क्योंकि या इंफेक्शन 90% डायबिटीज के मरीजों में पाया गया है।

ब्लैक फंगस के क्या लक्षण है?

  • बहुत ज्यादा सिर में दर्द होना
  • आंखों में लाल पन दिखाई देना
  • पानी निकलना आंखों से
  • आंखों का घूमना बंद हो जाना
  • नाक एक जाम होना
  • आंखों में सूजन
  • गालों पे सूजन या फिर पूरा चेहरा सूजन जाना

म्यूकर माइकोसिस बीमारी ब्लैक फंगस से होने वाली से बचने के सरल उपाय

  • ब्लैक फंगस से बचाव के लिए व्यक्ति को उसी तरह की सावधानी बरतनी पड़ती है जिस तरह हम कोरोना से बचने के लिए करते हैं जैसे-अपने हाथों को बार-बार सेनीटाइज करना या फिर हाथों को साबुन से धोना।
  • फेस मास्क लगा कर रखना। जिससे की फंगस आपके नाक से शरीर में प्रवेश ना कर सके।
  • हल्की सी खुजली होने पर भी अपने आंखों को हाथों से ना मले खुजली होने पर आंखों को साफ पानी से बार-बार धोए।
  • आंखों की परेशानी ज्यादा बढ़ने पर खुजली होने पर या आंखों का लाल होने पर जल्दी अपने डॉक्टर की सलाह ले।
  • याद रहे ब्लैक फंगस का पूरी तरह से इलाज हो सकता है। इसलिए छोटी सी परेशानी को भी अनदेखा ना करें।

केंद्र सरकार ने एक एडवाइजरी जारी किया है। जिसमें यह बताया गया है कि जो मरीज ज्यादा समय तक आईसीयू में बिताए हैं कोविड-19 की वजह से जैसे या फिर जिसको अनियंत्रित डायबिटीज है।

उनमें ब्लैक फंगस से होने वाली बीमारी म्यूकार्माइकोसिस (Mucormycosis) हो सकती है। और यदि इसका सही समय पर इलाज ना हो पाया तो इससे बच पाना मुश्किल है। ब्लैक फंगस से होने वाली बीमारी म्यूकार्माइकोसिस (Mucormycosis) का पूरी तरह इलाज हो सकता है।

डॉक्टर ने बताया है कि यदि इसका सही समय पर डायग्नोसिस हो गया तो इसे सर्जरी करके निकाला जा सकता है। या इंफेक्शन आंखों के पीछे होता है। अगर इसका सही समय पर इलाज ना हुआ तो या इंफेक्शन बढ़ जाता है। जिसको सर्जरी से निकालने पर कई लोगों की आंखों की रोशनी भी चली जाती है।

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