छात्रावास में रहने के आनन्द का वर्णन करते हुए सखी/मित्र को पत्र विद्यालय, छात्रावास

छात्रावास में रहने के आनन्द का वर्णन करते हुए सखी/मित्र को पत्र :- अपने प्रिय मित्र को विद्यालय के छात्रावास में रहते हैं उनके छात्रावास जीवन के संबंध में जानने के लिए उनको एक पत्र लिखिए।

छात्रावास में रहने के आनन्द का वर्णन करते हुए सखी/मित्र को पत्र

छात्रावास में रहने के आनन्द का वर्णन करते हुए सखी/मित्र को पत्र

S-301 सदर बाजार
झाँसी
दिनांक –
प्रिय सखी अञ्जना
सप्रेम नमस्ते ।

आज ही तुम्हारा प्यार भरा पत्र मिला। समाचार ज्ञात हुए। पत्र में तुमने मेरी पढ़ाई और मेरे छात्रावास-जीवन के सम्बन्ध में जानने की उत्सुकता दिखाई है। उसी का उल्लेख मैं इस पत्र में कर रही हूँ।

मुझे यहाँ छात्रावास में रहते हुए लगभग दो वर्ष हो गए हैं। इन दो वर्षों में एक दिन भी ऐसा नहीं आया, जब मैं यहाँ के जीवन से खिन्न हुई होऊँ। मुझे इससे प्रसन्नता और सुख ही मिलता है। यहाँ के जीवन का प्रत्येक क्षण अनुशासन में बँधा हुआ और विविध कार्य-कलापों से पूर्ण होता है। यहाँ विद्यार्थी के चरित्र निर्माण और विकास पर तथा उसकी सर्वांगीण प्रगति की ओर विशेष ध्यान दिया जाता है।

छात्रावास का जीवन नियम पालन के बिना नहीं चल सकता। पातः समय पर उठना, शौच आदि से निवृत्त होकर व्यायाम करना, तत्पश्चात् नहाकर संध्या वन्दन करना, समय पर नाश्ता लेना, ठीक समय पर तैयार होकर पाठशाला के लिए प्रस्थान करना, पाठशाला से छुट्टी होने पर सीधे छात्रावास में पहुँचकर खाना खाना, पुनः थोड़े समय के लिए आराम करना, स्कूल का काम पूरा करना, स्वाध्याय, खेल, संध्या-वन्दन, सभा में उपस्थिति आदि छात्रावास जीवन की कतिपय अनिवार्यताएँ हैं। महान् बनने के लिए इस प्रकार के अनुशासित एवं नियमबद्ध जीवन का निर्वाह परम आवश्यक है।

यहाँ विभिन्न प्रान्तों के विभिन्न रुचि वाले विद्यार्थियों से मिलकर सम्पूर्ण भारत को समझने में भी सहायता मिलती है। यहाँ रहकर समानता की भावना का उदय होता है। यहाँ धनी-निर्धन सभी से समान व्यवहार होता है। सच पूछो तो यहाँ का संसार अनोखा है। मैं तो चाहती हूँ कि प्रत्येक विद्यार्थी के लिए इस प्रकार का जीवन अनिवार्य बना दिया जाए, ताकि छात्रों का पूर्ण विकास हो सके। वस्तुतः छात्रावास का नियमबद्ध जीवन बड़े ही आनन्त का जीवन है। जब कभी तुम यहाँ आओ तो दो दिन मेरे यहाँ छात्रावास में रहो। मुझे विश्वास है कि तुम्हें भी यह जीवन अच्छा लगने लगेगा और तुम्हारी सारी निराधार शंकाओं का समाधान हो जाएगा।

अपने पूज्य माताजी व पिताजी को मेरा प्रणाम कहना। बेबी को प्यार।

तुम्हारी सखी
कमलेश

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Kamlesh Kumar

मेरा नाम कमलेश कुमार है। मैं मास्टर इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (Master in Computer Application) में स्नातकोत्तर हूं और CanDefine.com में एडिटर के रूप में कार्य करता हूँ। मुझे इस क्षेत्र में 3 वर्ष का अनुभव है और मुझे हिंदी भाषा में काफी रुचि है। मेरे द्वारा स्वास्थ्य, कंप्यूटर, मनोरंजन, सरकारी योजना, निबंध, जीवनी, क्रिकेट आदि जैसी विभिन्न श्रेणियों पर आर्टिकल लिखता हूँ और आपको आर्टिकल में सारी जानकारी प्रदान करना मेरा उद्देश्य है।

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