कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के उपाय, कोलेस्ट्रॉल कम करने का रामबाण इलाज

कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के उपाय व रामबाण इलाज के बारे में जानें। जिस व्यक्ति के रक्त का कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) सामान्य परिधि के अन्दर रहेगा, उसे हृदय रोग होने, हार्ट अटैक होने जैसे भय नहीं रहेंगे। यह कन्ट्रोल कुछ खाद्य पदार्थों के माध्यम से भी रखा जा सकता है जिनमें रेशेयुक्त पदार्थ, लहसुन, प्याज़, सोयाबीन की भूमिका तो प्रशंसनीय है ही, कुछ अन्य पदार्थ भी सहायक हैं। जानिए।

कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के उपाय

कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के उपाय

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कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के उपाय

  • दिल की धड़कन सामान्य करने के लिए 5 ग्राम धनिया बीज तथा इतनी ही चीनी मिलाकर फांक लें। चबाएं और खाएं। आराम पाएंगे।
  • तरबूज के बीजों को बारीक पीसें। शहद के साथ चाट लें।
  • पपीते के बीजों को छाया में सुखाकर रखें। इसकी चाय पीना शुरू करें। यह हृदय के लिए अच्छी रसायन है। हृदय गति उत्तेजित भी होगी।
  • जिसका रक्तचाप ठीक है। उसका कोलेस्ट्रोल भी ठीक मानें। ककड़ी या खीरा के बीज पीसकर खाएं। इनमें मौजूद पोटेशियम उच्च तथा न्यून (दोनों) रक्तचाप को ठीक रखता है।
  • पैक्टीन से कोलेस्ट्रोल कम किया जा सकता है। पोटेशियम का काम है रक्तचाप पर अपना नियन्त्रण रखना। अतः ये दोनों हमारे भोजन में अवश्य रहें। इसके लिए केला तथा दूध दोनों को एक साथ लेना काफी बेहतर रहता है। अकेले केले में पैक्टीन तथा पोटेशियम दोनों विद्यमान रहते हैं। इसे खाएं।
  • रोगी अपनी धमनियों का कड़ापन दूर करने तथा इनमें कुछ लचीलापन लाने के लिए पुदीना की चाय ज़रूर पीया करे। यदि हृदय में तेज़ धड़कन हो रही हो तो भी यह चाय उत्तम रहती है।
  • उच्च रक्तचाप को नियन्त्रित करने, हृदय की कार्य प्रणाली को सुचारु करने के लिए एल्फाल्फा घास बहुत लाभकर मानी गयी है। इसको अच्छी प्रकार धोकर, इसका रस निकालकर लेना चाहिए।
  • रक्त को शुद्ध करने, हृदय को सुचारु रूप में रखने के लिए बथुआ का साग अवश्य लें। रोगी को इससे बड़ा लाभ मिलेगा। यह एक अच्छा रसायन है जो सस्ता भी है।
  • हृदय के रोगों पर पूरा नियन्त्रण पाने के लिए नायसीन का भोजन में होना आवश्यक है। यह लाल रक्त कणों की प्रवाही ऊर्जा शक्ति में वृद्धि करने में सक्षम है। ऐसा होने से रोगी के दिमाग तक आक्सीजन आसानी से पहुंच जाती है। यह दिमाग पर पड़े तनाव तथा चिन्ता को अवश्य कम कर सकता है। लाभ उठाएं।
  • सूर्यमुखी फूलों द्वारा तैयार किया रिफाइन्ड आयल शरीर में पहुंचकर अन्य सभी तेलों व घी की तरह जमता नहीं। यह इसकी खूबी है जो हृदय रोगी के लिए उपयोगी है। अतः ऐसे रोगी का खाना इसी रिफाइन्ड तेल से बनाना ठीक रहता है।

ये बातें छोटी हैं मगर इनके लाभ अधिक हैं। अपनाने से लाभ होगा।

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अस्वीकरण – यहां पर दी गई जानकारी एक सामान्य जानकारी है। यहां पर दी गई जानकारी से चिकित्सा कि राय बिल्कुल नहीं दी जाती। यदि आपको कोई भी बीमारी या समस्या है तो आपको डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। Candefine.com के द्वारा दी गई जानकारी किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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