डिप्रेशन से बाहर निकलने का उपाय? डिप्रेशन से बाहर कैसे निकले?

डिप्रेशन से बाहर निकलने का उपाय (Depression Se Bahar Nikalne Ke Upay), यदि आप थोड़ा ध्यान दें, तो रजोनिवृत्ति के समय होने वाले अवसाद (डिप्रेशन) को सहजतापूर्वक समाप्त किया जा सकता है। डिप्रेशन से बाहर निकलने का तरीका क्या है। डिप्रेशन दूर करने का उपाय क्या है। इस संदर्भ में कुछ सुझाव:

डिप्रेशन से बाहर निकलने का उपाय (Depression Se Bahar Nikalne Ke Upay)

डिप्रेशन से बाहर निकलने का उपाय
Depression Se Bahar Nikalne Ke Upay

डिप्रेशन से बाहर निकलने का उपाय (Depression Se Bahar Nikalne Ke Upay)

  • किसी शौक या ‘हॉबी’ में अपना मन लगाएं। ऐसा करने से आपका दिमाग तकलीफों की ओर नहीं जायेगा। नतीजतन आप खुद को उदास व तनावग्रस्त महसूस नहीं करेंगी।
  • गहरी सांस लेकर उसे धीरे-धीरे छोड़ें। इस क्रिया से आपका तन-मन हल्का हो जायेगा।
  • धन (मेडिटेशन) और प्रार्थना को अपनी दिनचर्या का अंग बनाए। ऐसा करने से आपका शारीरिक-मानसिक तनाव कम होगा और मनोबल भी बढ़ेगा।
  • चिकित्सक के परामर्श से आप अवसाद नाशक औषधियां भी ले सकते है।

रजोनिवृत्ति से उपजी शिकायतों को दूर करने में ‘इस्ट्रोजेन रिप्लेसमेंट थेरेपी’ उपयोगी साबित हो सकती है, पर ध्यान रखें डाक्टर के परामर्श के बाद ही इस थेरेपी का सहारा लें

अन्य समस्याएं

रजोनिवृत्ति काल में पेशाब संबंधी संक्रमण यूरोजेनिटल ट्रैक्ट इंफेक्शन (यू.टी.आई) व इससे संबंधित अन्य शिकायतें भी पकड़ सकती हैं। इसके अलावा हड्डियों से संबंधित बीमारी ओस्टिओपोरोसिस, ओस्टिओ-अर्थराइटिस और उच्च रक्तचाप व हृदय संबंधी बीमारियों के होने की भी आशंका रहती है, जिन्हें डॉक्टर से परामर्श कर और उसके अनुरूप उपचार कर दूर किया जा सकता है।

विटामिन

  • आहार में विटामिनों को तरजीह देने से आप अनेक समस्याओं से मुक्त रह सकते है।
  • विटामिन बी-6 हृदय संबंधी बीमारियों के खतरों को काफी हद तक कम करता है। विटामिन बी-12 अवसाद को दूर करने में कारगर है।
  • विटामिन सी स्तन कैंसर, हृदय संबंधी बीमारियों व ओस्टियों
  • अर्थराइटिस की रोकथाम में कारगर है।
  • विटामिन सी स्तन कैंसर, हृदय संबंधी बीमारियों व ओस्टियो अर्थराइटिस जैसी शिकायतों की रोकथाम में कारगर है।

खनिज लवणों (मिनरल्स) में केल्शियम सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। यह हड्डियों को मजबूत करता है, रक्तचाप को नियंत्रित कर हृदय की धड़कन को सामान्य करता है। केल्शियम दूध और इससे निर्मित अन्य उत्पादों, सोयाबीन, पपीता, गाजर, काजू आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

करें व्यायाम

नियमित तौर पर व्यायाम करने से आप रजोनिवृत्ति से पैदा होने वाली अनेक शिकायतों से बच सकती है। बेहतर हो कि आप रजोनिवृत्ति काल से कई वर्षों पूर्व ही इस अच्छी आदत को अपनी दिनचर्या में शुमार कर लें। टहलना, तैरना, ऐरोबिक्स, योगासन व प्राणायाम ऐसे व्यायाम हैं, जिन्हें कर आप रजोनिवृत्ति काल के अलावा ताउम्र स्वस्थ बनी रह सकती हैं।

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