दिल का ख्याल कैसे रखें? कैसे रखे हार्ट को स्वस्थ?

दिल का ख्याल कैसे रखें

दिल का ख्याल कैसे रखें (Dil Ka Khayal Kaise Rakhe), दिल का दौरा या हार्ट अटैक प्रायः अचानक ही होता है। इसके शुरू होने के कुछ घंटे पहले तक भी लोग स्वयं को स्वस्थ महसूस करते हैं और वे समस्त कार्य सहजता से करते रहते हैं। हार्ट अटैक की स्थिति को काफी हद तक रोका जा सकता है, बशर्ते कि हम इस मर्ज के कारणों को समझें और इन पर नियंत्रण रखें।

दिल का ख्याल कैसे रखें (Dil Ka Khayal Kaise Rakhe)

दिल का ख्याल कैसे रखें
दिल का ख्याल कैसे रखें (Dil Ka Khayal Kaise Rakhe)

हार्ट अटैक के कारण

यह धारणा गलत है कि हृदय की धमनियों में सिकुड़ने की गंभीरता जितनी ज्यादा होगी, हार्ट अटैक की संभावना भी उतनी ज्यादा होगी। हार्ट अटैक का संबंध धमनियों में सिकुड़न की गंभीरता से नहीं है। हार्ट अटैक की मुख्य वजह हृदय की धमनियों में सिकुड़न के बजाय अचानक रक्त का थक्का जम जाना है।

इस कारण हृदय की मांसपेशियों में रक्त प्रवाह अगर 30 मिनट तक लगातार रुका रहे, तो हृदय की मांसपेशियों की क्षति शुरू हो जाती है और 6 से 12 घंटे में हृदय की मांसपेशियां पूर्णरूप से क्षतिग्रस्त हो जाती है। हार्ट अटैक को रोकने के दो तरीके हैं:

  • हृदय की धमनियों में सिकुड़ने की प्रक्रिया को रोक देना।
  • सिकुड़न के स्थान पर रक्त का थक्का जमने की प्रवृत्ति को समाप्त कर देना।

दिनचर्या में बदलाव

धमनियों में सिकुड़न न हो, इसके लिए अपनी दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव करना जरूरी है। समुचित व्यायाम, सही खानपान और सकारात्मक सोच के जरिये तनावमुक्त रहकर आप काफी हद तक इस शिकायत पर काबू पा सकते हैं। एक अध्ययन से सिद्ध हुआ है कि नियमित व्यायाम करने से हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है।

व्यायाम हृदय रोग पैदा करने वाले कई कारणों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हाई कोलेस्ट्रॉल अथवा मोटापे पर अंकुश लगाने में भी कारगर है। नियमित व्यायाम करने से धमनियों में रक्त का थक्का जमने की प्रवृत्ति घटती है।

खान-पान में सैचुरेटेड फैट ( घी, मलाई, मक्खन व मांस) से जहां तक संभव हो परहेज करें। वसायुक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से रक्त में कोलेस्ट्राल की मात्रा बढ़ती है। अनेक अध्ययनों से यह बात सिद्ध हुई है कि मांसाहारी भोजन की तुलना में शाकाहारी भोजन हृदय की सेहत के लिए कहीं ज्यादा लाभप्रद है।

मानसिक तनाव से हृदय की गति और रक्तचाप बढ़ जाता है। मानसिक तनाव को दूर करने में ध्यान (मेडिटेशन), योगासन और प्राणायाम की क्रियाएं काफी कारगर हैं।

धमनियों में सिकुड़ने पैदा करने वाले अन्य कारकों पर भी नियंत्रण करना जरूरी है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह और ‘हाई कोलेस्ट्राल ऐसे तीन प्रमुख कारक हैं, जो आगे चलकर हृदय रोगों का कारण बन सकते हैं। प्रत्येक व्यस्क को कभी-कभी चिकित्सक के परामर्श से रक्तचाप, ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्राल) की जांच करानी चाहिए।

जो व्यक्ति उच्च रक्तचाप की शिकायत से ग्रस्त हैं, उनकी हृदय धमनियों में रक्त का थक्का (ब्लड क्लॉट्स) जमने की आशंका काफी हद तक बढ़ जाती है। इस शिकायत को समुचित आहार और दिनचर्या में सकारात्मक परिवर्तन कर नियंत्रित किया जा सकता है, पर थक्का जमने की संभावना को दूर करने के लिए चिकित्सक उन औषधियों का भी प्रयोग करने की सलाह देते हैं, जो रक्त का थक्का जमने की प्रवृत्ति को कम करती हैं।

यह भी पढ़े –

Leave a comment

Your email address will not be published.