फंगस क्या होता है? अगर आप फंगस को गलती से खा ले तो क्या होगा?

Fungus (फफूंदी) को तो आप सभी ने देखा होगा फंगस क्या होता है (Fungus Kya Hota Hai), लेकिन क्या आप इसके बारे में अच्छे से जानते हैं? शायद आपने इसे अपने बचे हुए खाने के ऊपर उगते हुए देखा होगा या फिर नमी वाले दीवाल पर देखा होगा या फिर ज्यादा पके हुए फलों के ऊपर भी। और इसमें से बहुत बुरी बदबू भी आती है। यह दिखने में कभी कबार सफेद रंग की काले रंग की या पीले रंग की या फिर हरे रंग की भी दिखती है यह Fungus (फफूंदी) देखने में भी बहुत बुरी लगती है।

फंगस क्या होता है (Fungus Kya Hota Hai)

Fungus Kya Hota Hai

फंगस कितने प्रकार के होते हैं

क्या आपको मालूम है कि गलती से आप अगर Fungus (फफूंदी) लगा हुआ खाना खा ले तो क्या होगा यह कितना हानिकारक हो सकता है चलिए हम आपको बताते हैं कि अगर गलती से यह Fungus (फफूंदी) आपके शरीर में प्रवेश कर जाए तो क्या बदलाव हो सकते हैं।

पहले तो हम आपको यह बता दें कि दुनिया में लगभग 30 लाख अलग-अलग प्रकार की Fungus (फफुंदीयां) होती है। जिनका आपके शरीर पर अलग-अलग तरीके का प्रभाव पड़ता है। फंगस क्या होता है (Fungus Kya Hota Hai)

कुछ तरह के Fungus (फफुंदीयो) से आपको डायरीआ की शिकायत हो सकती है या फिर उबकाई भी आ सकती है। कुछ Fungus (फफूंदी) को महंगी चीज बनाने में प्रयोग किया जाता है और कुछ Fungus (फफुंदीय) लगभग आपका जीवन संकट में भी डाल सकती हैं।

धागों जैसी फंगस

Fungus (फफूंदी) एक प्रकार का बहुत ही छोटा फंगस होता है जो जानवरों मैं पौधों में या फिर दीवारों में भी पाया जाता है। यह पतले धागों जैसी अनेक प्रकार की शाखाएं बनाती है इसको हाईफी भी कहा जाता है।

यह जब खाने में लगती है तब इतनी छोटी होती है कि आप इसे अपनी आंखों से नहीं देख सकते इन्हें देखना बहुत मुश्किल होता है। अगर आप अपने खाने में फफूंदी देखते हैं तो इसका मतलब है कि वह पिछले कुछ दिनों से उस में पनप रही है।

फंगस लगा खाना खाना चाहिए या नहीं

अक्सर खानों में लगी फफूंदी को देख कर मन में यह सवाल जरूर उठता है कि इस खाने को फेंक दिया जाए या फिर खा लिया जाए। तो आपकी जानकारी के लिए हम बता दें की अगर फफूंदी नरम खानो मैं जैसे जैम, दही, टमाटर में फफूंदी लगी मिले तो आपको इसे तुरंत फेंक देना चाहिए।

लेकिन अगर आपको फफूंदी सख्त खानों में मिले जैसे गाजर, चीज या कड़ी-सलामी पर फफूंदी लगे मिले तो आपको खराब हिस्सा काट के निकाल देना चाहिए और बाकी का हिसाब साफ करके खा सकते हैं। हल्के और नरम खानों में फफूंदी बहुत जल्दी फैलती है जबकि कड़े खानों में फफूंदी जल्दी नहीं फैल सकती। ऐसा भी हो सकता है कि बिना देखे गलती से अपने फफूंदी वाला खाना खा लिया हो।

ऐसी स्थिति में क्या किया जाए। यह आपके शरीर में किस प्रकार का प्रभाव डालेगी। तो आपको हम यह बता दें कि परेशानी फफूंदी नहीं बल्कि फफूंदी के साथ शरीर में आने वाली बाकी गंदगी जो आपको कई प्रकार की तकलीफ दे सकती है।

ऐसे बैक्टीरिया है जो दिखते नहीं है लेकिन फफूंदी के साथ आपके शरीर में आ जाते हैं। जिनसे आपका पेट खराब हो सकता है। पेट दर्द और उल्टी की समस्या भी हो सकती है और कई बार आपको दस्त भी लग सकते हैं। फंगस क्या होता है (Fungus Kya Hota Hai)

लेकिन यह तो छोटी समस्या है इससे बड़ी समस्या होती है माइकोटॉक्सिंस की। माइकोटॉक्सिंस एक प्रकार का जहरीला पदार्थ होता है जोकि एक प्रकार के फंगस से ही बनता है। यह कई प्रकार के खाद्य पदार्थ में पाए जाते हैं और हर तरह की फूड प्रोसेसिंग को भी झेल सकते हैं।

माइकोटॉक्सिंस कितने प्रकार के होते है

माइकोटॉक्सिंस लगभग 500 तरह के होते हैं लेकिन इनमें से सबसे खतरनाक वैरायटी अलका टॉक्सिन मानी गई है। अफलाटॉक्सिन मूंगफली और मको पर पाया जाता है अगर यह खाने के साथ आपके शरीर में प्रवेश कर जाए तो इससे लीवर को हानि पहुंचती है, कैंसर का खतरा बढ़ जाता है,डीएनए को क्षति पहुंचती है और यूनिट सिस्टम डेफिशियेंसी भी हो सकती है।

लेकिन सारी फफूंदी नुकसानदायक नहीं होती है जैसे की ब्लू चीज यह एक प्रकार की फफूंदी से बनाया जाता है यह गैर विषैली नीली फफुंदीयो पेनिसिलियम रोकुइफोटीऔर पेनिसिलियम ग्लौकम से बनी होती है।

इन फफुंदीय में एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज पाई जाती है इसलिए ब्लू चीज काफी क्रीमी और तेज भी होती है। भले ही कुछ फफूंदी आपको बीमार करती हैं लेकिन इन फफुंदीय से अब तक का बहुत ताकतवर एंटीबायोटिक पेनिसिलिन मिलता है।

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अस्वीकरण – यहां पर दी गई जानकारी एक सामान्य जानकारी है। यहां पर दी गई जानकारी से चिकित्सा कि राय बिल्कुल नहीं दी जाती। यदि आपको कोई भी बीमारी या समस्या है तो आपको डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। Candefine.com के द्वारा दी गई जानकारी किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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Mamta Jain

मैं ममता जैन मीडिया क्षेत्र में मैं तीन साल से जुड़ी हुई हूं। मुझे लिखना काफी पसन्द है और अब मैने यही मेरा प्रोफेशन बना लिया है। मैं जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट हूं। हेल्थ, स्वास्थ्य, मनोरंजन, सरकारी योजना, क्रिकेट, न्यूज़ और ब्यूटी पर लिखने में मेरा स्पेशलाइजेशन है। हेल्थ और ब्यूटी से जुड़ी जानकारी जानने के लिए मुझे फॉलो करें।

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