हृदय रोग से बचाव के उपाय, हार्ट का बीमारी कैसे ठीक होता है

हृदय रोग से बचाव के उपाय जानना बहुत ही जरूरी है हृदय रोग हो या हार्ट अटैक की सम्भावना, इनसे बचना असम्भव नहीं। हां, थोड़ा प्रयत्न तो करना ही होगा। भोजन पर निर्भर रहकर, सही चुनाव करके, रहन-सहन में बदलाव से रोग से बचा जा सकता है।

हृदय रोग से बचाव के उपाय

हृदय रोग से बचाव के उपाय

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हृदय रोग से बचाव के उपाय

  • जिसका रक्तचाप ठीक है, उसे दिल का रोग नहीं होता। रेशे प्रधान खान-पान होने से इस रोग से बचना सम्भव है। चोकर भी ज़रूर खाएं।
  • जई का भूसा, आटे में चोकर, रेशेदार फल अधिक मात्रा में लें।
  • प्रातः खाली पेट आधा चम्मच लहसुन का रस नियमित लें। इसके सेवन से रक्तवाहिनी नाड़ियों का फैलाव होकर, रक्तप्रवाह ठीक हो जाता है।
  • लहसुन का रस दिल और दिमाग में बने दबाव को कम कर देता है।
  • हृदय रोगी को लहसुन का रस रामबाण मानकर सीमित मात्रा में रोज़ लेना चाहिए। यह बढ़े हुए रक्तचाप को नीचे लाता है। यदि रक्तचाप बहुत गिरा हो तो यह इसे ऊपर भी उठा देता है।
  • हृदय रोगी लहसुन खाए तो यह रक्त को गाढ़ा नहीं होने देगा।
  • हृदय रोगी को सोयाबीन, इसका दूध, सोयाबीन से बना पनीर आदि जरूर लेने चाहिएं। इसकी खूबी है कि बढ़िया तथा उच्चकोटि के कोलेस्ट्रोल में वृद्धि करे तथा हीन श्रेणी के कोलेस्ट्रोल को कम करे। यदि ऐसा हो पाता है तो रोग नियन्त्रण में आएगा ही।
  • प्याज़ तथा लहसुन मिलाकर भी खा सकते हैं। अलग-अलग भी।
  • प्याज रक्त को गाढ़ा होने से रोकता है। गाढ़े को पतला कर देता है।
  • लहसुन, प्याज से लगे छौंक के सेवन से तब तक लाभ होता है जब तक घी की मात्रा बहुत ही सीमित रहे।
  • उच्च कोटि के कोलेस्ट्रोल में सुधार लाने के लिए दो छोटे प्याज़ों का रस प्रतिदिन सेवन करें। हृदय रोग ठीक होने लगेगा।
  • अधिक वसा के कारण होने वाले विकारों पर भी प्याज काबू पाता है। अतः कच्चा प्याज भोजन में अवश्य खाया करें।
  • बेचारे लहसुन और प्याज को इसलिए मत नकारें कि इसकी दुर्गन्ध बुरी लगती है। यह तो आपका अच्छा वैद्य है। ज़रूर अपनाएं।
  • हृदय रोगियों के लिए लहसुन, प्याज तथा सोयाबीन से सस्ता व अधिक लाभकर पदार्थ और कोई नहीं मिलेगा। लाभ उठाने से न चूकें।
  • हृदय रोग के रोगी के लिए “लैसिथीन” पदार्थ भी अत्यंत आवश्यक है। यह वसा का विघटन करने तथा इसे तरल रूप देकर रक्त में प्रवाहित करने में सक्षम है। एक दिन में 25 ग्राम से अधिक सेवन न करें, क्योंकि इसमें बसा की मात्रा बहुत रहती है। यह नाड़ियों में पदार्थों को जमने से रोकने का काम कर, हार्ट-अटैक से बचाव करता है। यह ऐसा हितैषी है कि रक्त में थक्के नहीं बनने देता। इसे सोयाबीन से भी प्राप्त करते हैं।
  • नमक का प्रयोग अवश्य घटा दें वरना शरीर में पोटेशियम व ट्रेस एलीमेंट्स की कमी आ जाएगी। इससे कमज़ोरी बढ़ती है। हृदय रोग भी बढ़ता है।
  • भोजन में विटामिन बी-6, विटामिन ‘ई’, विटामिन ‘सी’ तथा नायसीन की उचित मात्रा लेने में कभी लापरवाही न करें।

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अस्वीकरण – यहां पर दी गई जानकारी एक सामान्य जानकारी है। यहां पर दी गई जानकारी से चिकित्सा कि राय बिल्कुल नहीं दी जाती। यदि आपको कोई भी बीमारी या समस्या है तो आपको डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। Candefine.com के द्वारा दी गई जानकारी किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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