बदहजमी (अपच) के घरेलू उपाय, पेट में बदहजमी हो जाए तो करें ये काम

बदहजमी (अपच) के घरेलू उपाय क्या है यही पेट में बदहजमी हो जाए तो करें ये काम मिलेगा अचूक फायदा, कई बार व्यक्ति आवश्यकता से अधिक खा लेता है, तब तो अपच या बदहजमी होगी ही। मगर कई बार पेट भरकर तो नहीं खाता, मगर बेमेल खाद्य पदार्थ खा लिए जाते हैं, जो कि बदहजमी का कारण बनते हैं। यदि ऐसा हो जाए तो क्या उपाय हो, या क्या बचाव करें, इसे जानिए।

बदहजमी (अपच) के घरेलू उपाय

बदहजमी (अपच) के घरेलू उपाय

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पेट में बदहजमी हो जाए तो करें ये काम

  • यदि घी के कारण बदहजमी हो गई हो तो नींबू मिला पानी पी लें। गर्म पानी भी पीकर बचा जा सकता है। गुनगुने पानी में नींबू डालकर पीने से भी।
  • अमरूद से अपच हो गया हो या अंगूर से, सौंफ खाएं। यदि किसी की बदहज़मी का कारण बेल फल हो या खजूर अथवा फालसा ही हो नीम की गुठली का चूर्ण खाएं। ऊपर से पानी पिएं।
  • दूध के कारण बदहजमी हो जाए तो छाछ पीनी चाहिए। यदि बेसन के कारण अपच हो जाए तो सुहांजने का अचार खाएं।
  • जिसे तरबूज के सेवन से बदहज़मी हो तो वह गर्म पानी का गिलास पी ले।
  • तेल के कारण तकलीफ हुई हो तो कांजी पीनी ठीक रहती है।
  • यदि बदहजमी आडू के कारण हुई हो तो शक्कर दो चम्मच खा लें।
  • अगर बदहजमी का कारण आलू हों तो इमली घोलकर पी जाएं।
  • किसी को सिंघाड़े खाने से या जामुन के सेवन से अपच हो गया हो तो मंडूर खाएं। आराम मिलेगा।
  • अपच का कारण बादाम हों तो खांड दो चम्मच खा लें।
  • कभी-कभी अधिक बेर खाने से अपच हो जाती है। तब गरम पानी आधा गिलास पी लें या नमक चाटें। नमकीन गुनगुना पानी पी लें।
  • अंजीर भी बदहजमी कर सकता है। ऐसा होने पर बादाम 6-7 गिरी खाएं। बादाम की गिरी भली प्रकार चबा-चबाकर खाएं।
  • कभी बैंगन से भी बदहज़मी हो सकती है। तो दो-तीन चम्मच देशी घी खा लें। नहीं खा सकें तो दो चम्मच सिरका ही पी जाएं।
  • अरहर के कारण अपच हो जाए तो कुछ भी खट्टा, इमली आदि का सेवन करने की सलाह दी जाती है। आराम पाएंगे।
  • और यदि इमली ही बदहजमी का कारण बने तो बनफशा लें।
  • भांग चढ़ जाए तो दूध का गिलास पी लें। या घी तीन चम्मच खाएं।
  • तोरई या भिंडी से बदहजमी होने पर गरम मसाला खाकर कोसा पानी पीएं।
  • अगर आंवला से बदहजमी हो या अनार के कारण हो, दोनों अवस्थाओं में मौलसिरी के फूलों का सेवन करें। ठीक हो जाएंगे।
  • यदि मूली के कारण अपच हो जाए तो मूली के पत्ते खाएं। रस पी लें।
  • अगर बदहजमी चावल से हो तो दूध छोटा गिलास पी लें। दूध न उपलब्ध हो तो पानी पी लें। आराम पाएंगे।

यदि अपच की शिकायत हो तो कुछ भी न खाएं। पहले उसका उपचार करें। यहां अनेक उदाहरण दिए हैं। यदि याद न रहे या पता न भी चले तो उपवास रखकर भी व्यक्ति ठीक हो सकता है।

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