अनिद्रा क्या है, कारण, लक्षण, दुष्परिणाम, यौगिक उपचार और सुझाव

अनिद्रा क्या है, कारण, लक्षण, दुष्परिणाम, यौगिक उपचार और सुझाव बताये गए है। जब शरीर काम करते-करते थक (sleeplessness or insomnia) जाता है तो मन काम करता है और मन के थकने पर नींद आ जाती है। तन एवं मन के शिथिलीकरण का नींद बहुत ही अच्छा साधन है। नींद हमारे जीवन की एक महत्वपूर्ण क्रिया है। यह कहना गलत नहीं होगा कि नींद हमारे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक प्रकार का टॉनिक है। इससे शरीर एवं मन में ताजगी, शक्ति व स्फूर्ति प्राप्त होती है।

अनिद्रा क्या है, कारण, लक्षण, दुष्परिणाम, यौगिक उपचार और सुझाव

अनिद्रा क्या है

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अनिद्रा क्या है

महर्षि चरक ने तो यहाँ तक कहा है कि ‘सुख-दुःख शक्ति-अशक्ति, जीवन-मृत्यु सब निद्रा (sleeplessness or insomnia) पर आधारित हैं।’ वस्तुत: निद्रा एक वृत्ति है जो मन के निरोध का उपयोगी साधन है। किन्हीं कारणों से नींद न आना ‘अनिद्रा’ है। जब यह स्थिति काफी समय तक बनी रहती है तो इसे रोग कहते हैं। ऐसे व्यक्ति को नींद न आने के कारण बेचैनी बनी रहती है रात भर करवटें बदलते-बदलते थक जाता है। इस समस्या से ग्रस्त व्यक्ति की दशा दयनीय हो जाती है।

अनिद्रा के लक्षण

व्यक्ति में अनिद्रा के कारण चिड़चिड़ापन, सिर में भारीपन, थकान, चक्कर आना, आँखों में जलन, अंगों में टूटन, आलस्य, प्रमाद, किसी काम को करने में मन न लगना आदि लक्षण प्रकट होने लगते हैं।

अनिद्रा के दुष्परिणाम

मानसिक विक्षिप्तता, पागलपन, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, कब्ज, सिर-दर्द आदि रोग अनिद्रा की समस्या बने रहने पर उत्पन्न होने की सम्भावना प्रबल हो जाती है। अनिद्रा के कारण स्नायविक उत्तेजना, मस्तिष्क में खून की वृद्धि, रक्त का विषाक्त एवं अम्लीय हो जाने की समस्याऐं भी उत्पन्न हो सकती हैं।

अनिद्रा का कारण

  1. सोते समय किसी विषय या समस्या के बारे में सोचते रहने के कारण मन में अशान्ति उत्पन्न हो जाने से।
  2. नशीले तथा उत्तेजक पदार्थों का अत्यधिक एवं निरन्तर सेवन से।
  3. गन्दा साहित्य पढ़ने के कारण ऊल-फिजूल विचारों के उत्पन्न हो जाने से।
  4. स्नायु दुर्बलता, दिमागी खुश्की, पाचन की दुर्बलता, कब्ज आदि रहने से।
  5. कष्टजन्य शारीरिक रोगों के कारण।
  6. अधिक मानसिक परिश्रम, उद्वेग, चिन्ता, भय, नकारात्मक विचारों में उलझे रहने से।
  7. कुछ लोग प्राकृतिक स्वभाव से ही अनिद्रा के शिकार होते हैं।
  8. ज्यादा देर तक जागने की आदत बना लेने के कारण शरीर की जैविक घड़ी (सरकेडियम बायोलजिकल क्लॉक) अस्त-व्यस्त हो जाने के कारण।

यौगिक उपचार

अनिद्रा की शिकायत दूर करने के लिए योग एक सर्वोत्तम उपचार है इससे मानसिक तनाव, प्रतिस्पर्धा आदि से बचत होती है।

आसन

  1. पाद हस्तासन
  2. ताड़ासन
  3. जानु शीर्षासन (महामुद्रा)
  4. अर्द्ध मत्स्येन्द्रासन
  5. कूर्मासन
  6. उष्ट्रासन
  7. पश्चिमोत्तानासन
  8. धनुरासन
  9. चक्रासन
  10. शलभासन
  11. भुजंगासन
  12. नौकासन
  13. सर्वांगासन
  14. मत्स्यासन

प्राणायाम

  1. उज्जायी प्राणायाम
  2. नाड़ी शोधन प्राणायाम

शिथिलीकरण – योगनिद्रा एवं शवासन का अभ्यास नित्य प्रति करें।

सुझाव

  • आहार – अनिद्रा के रोगियों को नाश्ते में फल, अंकुरित अनाज, भीगा हुआ किशमिश या मुनक्का तथा दूध का सेवन करना चाहिये। फलों में अंगूर, खजूर, सेब, केला, आम, शहतूत, अमरूद आदि मीठे फल ले सकते हैं। दोपहर के भोजन में चोकरदार आटे की मोटी रोटी, उबली सब्जी, सलाद दही, अंकुरित अनाज तथा छाछ लेना चाहिये । सलाद एवं सब्जियों में पालक, गाजर, टमाटर, मूली, शलजम, पत्ता गोभी, लौकी, टिण्डा का सेवन उपयोगी रहता है।
  • रात्रि के खाने में सोने के दो-तीन घण्टे पूर्व मीठे फल गुड़ या मीठी चीजें खाने से नींद लाने वाले तत्व ‘सेरोटोनिन’ का स्राव बढ़ जाता है। यह सेरोटोनिन रसायन प्रशान्तक तुष्टिकारक, पीड़ानाशक, नींद लाने वाला आनन्ददायी, न्यूरोट्रासंमीटर्स औषधि है। यद्यपि कार्बोहाइड्रेट अर्थात् मोठी चीजों के अधिक खाने से खून में इन्सुलिन की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है। यह इन्सुलिन समस्त एमिनो एसिड को सोख लेता है किन्तु ट्रिप्टोफिन को बैरियर के अन्दर प्रवेश कराकर दिमाग में पहुँचा देता है। ट्रिप्टोफिन दिमाग में पहुँचते ही काफी मात्रा में सिरोटोनिन का निर्माण करता है जो दुःख विषाद, तनाव को दूर कर आनन्द, उल्लास, प्रसन्नता से भर देता है एवं गहरी नींद में ले जाता है। इसीलिये रात्रि के भोजन में मीठे आहार की बहुलता से अच्छी नींद आती है। चाय, कॉफी, धूम्रपान, शराब, चीनी आदि का प्रयोग न करें। नकारात्मक सोच से बचें।

संक्षेप में कह सकते हैं कि सुबह के नाश्ते में फल, दूध, दोपहर के भोजन में प्रोटीन बहुल आहार तथा शाम सूर्यास्त के पूर्व भोजन में कार्बोहाइड्रेट वाले आहार लें। अनिद्रा की शिकायत दूर होगी। बताये गये योगाभ्यास को किसी कुशल योग चिकित्सक के निर्देशन में नित्य प्रति अपनी क्षमतानुसार अवश्य करें।

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अस्वीकरण – यहां पर दी गई जानकारी एक सामान्य जानकारी है। यहां पर दी गई जानकारी से चिकित्सा कि राय बिल्कुल नहीं दी जाती। यदि आपको कोई भी बीमारी या समस्या है तो आपको डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। Candefine.com के द्वारा दी गई जानकारी किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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Mamta Jain

मैं ममता जैन मीडिया क्षेत्र में मैं तीन साल से जुड़ी हुई हूं। मुझे लिखना काफी पसन्द है और अब मैने यही मेरा प्रोफेशन बना लिया है। मैं जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट हूं। हेल्थ, स्वास्थ्य, मनोरंजन, सरकारी योजना, क्रिकेट, न्यूज़ और ब्यूटी पर लिखने में मेरा स्पेशलाइजेशन है। हेल्थ और ब्यूटी से जुड़ी जानकारी जानने के लिए मुझे फॉलो करें।