क्यों पड़ता है कम उम्र में दिल का दौरा? कम उम्र में दिल का दौरा पड़ने की वजह?

कम उम्र में दिल का दौरा पड़ने की वजह, देश में कई लोग दिल की बीमारी से परेशान है। पहले तो अक्सर दिल की बीमारी का खतरा तब होता था जब व्यक्ति की उम्र अधिक हो जाती थी लेकिन। आज कल हमने कई युवाओं को दिल का दौरा (Kam Umar Me Dil Ka Dora Padne Ki Vajah) पड़ने के कारण हुई जान की हानि होते देखा है।

कम उम्र में दिल का दौरा पड़ने की वजह

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Kam Umar Me Dil Ka Dora Padne Ki Vajah

यह एक चिंता का विषय है क्योंकि देश में लगभग हर 3 सेकंड में एक व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से जान की हानि होती है। अधिक उम्र में दिल का दौरा पड़ना एक आम बात सही थी क्योंकि इस समय तक शरीर के अंग काफी कमजोर पड़ने लगते हैं। अस्वस्थ हो जाते हैं जिसके कारण दिल का दौरा पड़ना या कोई और समस्या उत्पन्न होना आम बात थी। लेकिन जब आज के दौर में नए युवाओं को भी दिल का दौरा पड़ने लगा है तो यह वाकई में एक चिंता का विषय है।

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कम उम्र में हार्ट अटैक की वजह

दिल का दौरा पड़ने की कई वजह होती है जैसे अस्वस्थ खानपान, ज्यादा समय तनाव में रहना, धूम्रपान करना, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, स्टेरॉयड के साइड इफेक्ट,शराब पीना इत्यादि यह सब आगे चलकर कई गंभीर बीमारियों का कारण बनती है और खासकर हार्टअटैक।

हार्ट अटैक क्यों आता है

जब भी हमारे हृदय तक खून की आपूर्ति अच्छी तरह नहीं हो पाती तब दिल का दौरा पड़ता है। हमारी धमनिया शरीर से ह्रदय तक और फिर ह्रदय से शरीर तक खून को पहुंचाती रहती है। लेकिन जब इन धमनियों के रास्ते में किसी भी प्रकार की रुकावट उत्पन्न होने लगती है। तो खून पूरी तरह दिल तक नहीं पहुंच पाता जिसके कारण सीने में दर्द उत्पन्न होने लगता है और अक्सर यह हार्ट अटैक का रूप ले लेती है। इस प्रकार के हार्ट अटैक को साइलेंट हार्ट अटैक कहा जाता है।

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इन पांच कारणों से पड़ता है कम उम्र में दिल का दौरा / हार्ट अटैक

1. धूम्रपान एवं अल्कोहल का सेवन

आजकल की युवा पीढ़ी कम उम्र से ही कई प्रकार के नशीले पदार्थ धूम्रपान इत्यादि का सेवन शुरू कर देते हैं क्योंकि वह इसे फैशन का ही हिस्सा मानते हैं। जो आगे चलकर बुरी लत बन जाती है इन सब के कारण अक्सर कम उम्र में कार्डियोवैस्कुलर बीमारी का शिकार बन रहे हैं यह बीमारी ह्रदय रोग की गंभीर समस्या होती है जो अन्य कई ह्रदय रोग का कारण भी बनती है।

2. जंक फूड एवं कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन

आजकल की युवा पीढ़ी घर का बना खाना पसंद नहीं करते अक्सर अपनी भूख मिटाने के लिए दोस्तों के साथ बाहर का खाना और ड्रिंक्स का सेवन करते हैैं। बाहर के खाने मैं अक्सर खराब तेल का इस्तेमाल होता है इसके साथ ही चाइनीस फूड एवं कैलोरी वाले ड्रिंक के सेवन से शरीर में धीरे-धीरे अत्यधिक मात्रा में कैलोरी बढ़ जाती है जो आगे चलकर हृदय रोग का कारण बनती है।

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3. अत्यधिक तनाव के कारण

आजकल के जीवन में काफी भारत और और बिजी शेड्यूल रहता है जिसमें काम का प्रेशर इतना रहता है कि इंसान अपने डाइट की तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दे पाता। बिना समय के भोजन करना लगातार घंटों एक जगह बैठ कर काम करना भूख लगने पर बाहर का खाना खाना देर रात तक काम करना या स्ट्रेस लेने से अक्सर ब्लड प्रेशर की समस्या उत्पन्न होती है जिससे ह्रदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।

4. स्टेरॉयड के साइड इफेक्ट के कारण

आजकल युवा पीढ़ी एवं बॉलीवुड के चमकते सितारे घंटों जिम में अपनी बॉडी बनाने के लिए पसीना बहाते रहते हैं और कई लोग तो हेवी न्यूट्रिशन भी लेते हैं। कम समय में अच्छी बॉडी बनाने के चक्कर में कई युवा एंबॉलिक स्टेरॉइड जैसे प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने लग गए हैं। जो हार्ट अटैक का मुख्य कारण बनता है क्योंकि यह स्टेरॉइड शरीर में जितना नुकसान नहीं करता उससे ज्यादा यह हमारे शरीर और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है जो धीरे धीरे शरीर को कमजोर कर देता है।

5. वायु प्रदूषण के कारण

आजकल प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि हम दिन रात सांस लेते हैं तो उसमें भी प्रदूषित वायु ही अन्य प्रवेश करती है जो हमारे फेफड़ों को और हृदय को काफी हद तक कमजोर कर देती है। प्रदूषित वायु स्वास के जरिए अंदर जाने से भी सीने में दर्द और घुटन जैसी भावना उत्पन्न होने लगती है जो कभी-कभी दम घुटने का कारण भी बनती है जिससे हार्ट अटैक की उत्पत्ति होती है।

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क्या है हार्ट अटैक के लक्षण

हार्ट अटैक की एक नहीं कई लक्षण होते हैं। डॉक्टरों द्वारा यह बताया गया है कि सबसे बड़ा हार्ट अटैक का लक्षण होता है सीने में तेज दर्द उत्पन्न होना ठीक वैसे ही जैसा आपने फिल्मों में देखा होता है। यह दर्द इतना तेज होता है कि आंखों में घबराहट दिखने लगती है और व्यक्ति जमीन पर खड़ा तक नहीं हो पाता।

हार्ट अटैक के मुख्य लक्षण है:-

  • सीने में तेज दर्द और बीचो-बीच कसाव महसूस होना।
  • सीने के साथ-साथ शरीर के अन्य हिस्सों में भी दर्द उत्पन्न होना जैसे -दर्द सीने से होता हुआ गर्दन हाथ पीठ जबड़े और पेट की ओर जाता महसूस होने लगता है।
  • मन अशांत होने लगता है और चक्कर भी आते हैं।
  • पसीने से व्यक्ति तरबतर होने लगता है।
  • सांस लेने में दर्द और तकलीफ उत्पन्न होती है।
  • उल्टी होने जैसा अनुभव होता है और बेचैनी भी महसूस होने लगती है।
  • खांसी के दौरान जोर जोर से सांस लेना और दर्द का अनुभव होना।
  • दिल का दौरा पड़ने से कुछ दिन पहले से सीने में दर्द उत्पन्न होने लगता है।

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किन महिलाओं को हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है?

डॉक्टरों के अनुसार उन महिलाओं को हार्ट अटैक का खतरा नहीं होता जो प्री मेनोपॉज दौर से गुजर रही होती हैं। इसके पीछे सबसे मुख्य कारण यह होता है कि महिलाओं में पाया जाने वाला सेक्स हार्मोन जो उन्हें दिल की बीमारी से बचाता है। लेकिन पिछले कुछ समय से इन महिलाओं में भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है।

  • यदि कोई महिला गर्भ निरोधक पुलिस का लंबे समय तक सेवन करती हैं तो उन्हें प्राकृतिक रूप से हर्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
  • जो महिला लंबे समय तक स्मोकिंग या ड्रिंक करती हैं उनके शरीर की भी हार्ट अटैक से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।
  • मेनोपॉज के लगभग 5 साल बाद महिलाओं में भी हार्ट अटैक का उतना ही खतरा बढ़ जाता है जितना पुरुषों में होता है।

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हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या करना चाहिए?

यदि आप को हार्ट अटैक से बचना है तो सबसे पहले आप ट्रांस फैट से बचें। ट्रांस फैट जौनपुर सिगरेट तंबाकू सॉफ्ट ड्रिंक के सेवन से होती है क्योंकि इसका सीधा असर शरीर के कोलेस्ट्रॉल पर पड़ता है जो हार्ट अटैक का मुख्य कारण बनती है।

  • ट्रांस फैट के शरीर में बढ़ने से अच्छे कोलेस्ट्रॉल कम होने लगते हैं और बुरे कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगते हैं।
  • डालडा और वनस्पति भी ट्रांस फैट का मुख्य स्त्रोत होता है।
  • हार्ट अटैक से बचने के लिए युवाओं को अपने दिनचर्या में बदलाव लाने की जरूरत है।
  • डॉक्टर की माने तो योगा से तनाव भी दूर होता है और मन एकाग्र भी रहता है इसलिए अपनी जीवनशैली में योगा को जरूर शामिल करें।
  • बाहर का तला भुना खाने से परहेज करें।
  • रोजाना थोड़ी मात्रा में व्यायाम करें और पैदल चलें।
  • अपने खून को अत्याधिक गाढ़ा ना होने दें। खून गाढ़ा होने से धमनियों में रक्त स्त्राव की गति धीमी हो जाती है।
  • हमेशा खुश रहें हंसते रहें और दूसरों को भी हंसाते रहें।

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अस्वीकरण – यहां पर दी गई जानकारी एक सामान्य जानकारी है। यहां पर दी गई जानकारी से चिकित्सा कि राय बिल्कुल नहीं दी जाती। यदि आपको कोई भी बीमारी या समस्या है तो आपको डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। Candefine.com के द्वारा दी गई जानकारी किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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