खसरा रोग क्या है खसरा के लक्षण एवं उपचार क्या क्या है?

खसरा रोग क्या है (Khasra Rog Kya Hai), खसरा को इंग्लिश में Measles कहते है। यह एक अत्यधिक संप्रेषणशीत (Communicable) विषाणुजन्य (Viral) व्याधि है। सम्प्रेषण का माध्यम (Mode of transmission) : बिन्दुक सक्रमण (Droplet infection) द्वारा। खसरा का उद्भवन काल (Incubation period): दस दिन माना जाता है।

खसरा रोग क्या है (Khasra Rog Kya Hai)

खसरा रोग क्या है
Khasra Rog Kya Hai

खसरा रोग क्या है (Khasra Rog Kya Hai)

चिकित्सकीय विशिष्टताएं (Clinical Features)

  1. विस्फोट पूर्वावस्था (Pre-eruption stage): प्रारम्भिक लक्षण तेज सदी के समान ही होते हैं, जिनमें ज्वर, नाक बहना, आँखों में लालपन एवं पानी आना तथा छीके आना सम्मिलित हैं। ये सभी लक्षण 3-4 दिन तक बने रहते हैं. इसी दौरान मुख गुहा में विशिष्ट कॉपलिक धब्बे (Koplik’s spots) प्रकट होते हैं।
  2. स्फुटन या विस्फोट की अवस्था (Eruptive stage) : बीमारी के लगभग चौथे दिन सर्वप्रथम चेहरे पर एवं तत्पश्चात गर्दन एवं शरीर के अन्य हिस्सों पर चकते (Rashes) प्रकट हो जाते हैं। ये धब्बों एवं पिटिकाओं युक्त (Maculo-papular), साल अथवा चमकीले गुलाबी रंग के होते हैं तथा 5-6 दिन तक रहने के बाद धीरे-धीरे विलुप्त हो जाते हैं।

खसरा से क्या समस्या हो सकती है (Complications)

  • श्वसनिका शोध (Bronchitis)
  • न्यूमोनिआ (Pneumonia)
  • अतिसार एवं मृत्यु (Diarrhoea and death)
  • नेत्र सम्बन्धी जटिलताएँ (Eye complications)
  • मध्यकर्ण शोथ (Otitis media)
  • आक्षेप या झटके (Convulsions)

खसरे का उपचार (Treatment)

  1. आँखे नार्मल सैलाइन से धोएं एवं उनमें एन्टिबायोटिक आई ड्रॉप्स (नेत्र बूंदे) डालें।
  2. रोज हल्के गर्म पानी से स्पंज करें।
  3. बार बार कुत्ते करवा कर मुँह साफ करवाएँ।
  4. भाप अन्त श्वसन (Steam inhalation) दें।
  5. ठंडे पानी की पट्टियों एवं ज्वरनाशक औषधियों द्वारा ज्वर को नियंत्रित किया जाता है।
  6. रोग प्रतिरोधन हेतु प्रतिजैविक (Antibiotics) औषधियाँ दी जाती है।
  7. पर्याप्त तरल, विशेषकर नारियल पानी देना अत्यंत आवश्यक है।
  8. हर दो घंटे में तापक्रम, नाड़ी एवं श्वसन दर रेकार्ड करें।
  9. मल-मूत्र उत्सर्जन सम्बन्धी क्रियाएं सामान्य रूप से जारी रहें इसका ध्यान रखें।
  10. सहवर्ती (Concurrent) विसंक्रमण (Disinfection) किया जाना चाहिए।

खसरा रोग कैसे रोके (Prevention)

  • 9-12 माह की आयु के दौरान शिशु को खसरे का टीका लगवाना चाहिए।
  • 250-750 कि.ग्रा. की इम्यूनोग्लोब्यूलिन की खुराक दे कर खसरे के विरुद्ध निष्क्रिय रोग रोधन (Passive immunization) किया जा सकता है. संक्रमण की शंका होने पर रोग से सम्पर्क होने के 5 दिन के भीतर इस खुराक को दे कर रोग की रोकथाम या तीव्रता में कभी करना संभव है।

खसरा पर नियंत्रण (Control)

  • खसरे के चिन्ह प्रकट होते ही बच्चे को विसम्पर्कित (Isolate) कर दें।
  • बच्चे की आँखो पर तेज प्रकाश न पड़ने दे।
  • नाक एवं गले के सावों का सुरक्षित विसंक्रमण करे।
  • टीकरण (Vaccination)

यह भी पढ़े –

अस्वीकरण – यहां पर दी गई जानकारी एक सामान्य जानकारी है। यहां पर दी गई जानकारी से चिकित्सा कि राय बिल्कुल नहीं दी जाती। यदि आपको कोई भी बीमारी या समस्या है तो आपको डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। Candefine.com के द्वारा दी गई जानकारी किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Follow us on Google News:

Mamta Jain

मैं ममता जैन मीडिया क्षेत्र में मैं तीन साल से जुड़ी हुई हूं। मुझे लिखना काफी पसन्द है और अब मैने यही मेरा प्रोफेशन बना लिया है। मैं जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट हूं। हेल्थ, स्वास्थ्य, मनोरंजन, सरकारी योजना, क्रिकेट, न्यूज़ और ब्यूटी पर लिखने में मेरा स्पेशलाइजेशन है। हेल्थ और ब्यूटी से जुड़ी जानकारी जानने के लिए मुझे फॉलो करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *