लंबी कूद के नियम (Long Jump), तकनीक और विधि क्या है की पूरी जानकारी

लंबी कूद के नियम भी बनाये गए है यह वह खेल है जिसमें कूदने वाला खिलाड़ी कुछ दूरी से भागता हुआ आता है तथा अखाड़े के समीप ही लगी फट्टी से एक लंबी छलांग (Long Jump) लेकर अपने आपको अखाड़े में गिरा देता है। जो खिलाड़ी फट्टी से लेकर उसके पैरों द्वारा जमीन को छूने का स्थान ही उस खिलाड़ी की कूद का माप होता है। जितनी लम्बी छलांग लेता है वही विजेता कहलाता है। छलांग यदि लकड़ी की फट्टी के थोड़ा आगे पैर रख कर लगाई जाती है। तो खिलाड़ी के इस प्रयास को असफल माना जाता है।

लंबी कूद के नियम (Long Jump Rules in Hindi)

लंबी कूद के नियम

यह भी पढ़े – हाई जंप के नियम (ऊँची कूद), हाई जंप कूदने की क्रिया क्रिया विधि क्या है

यदि उसके शरीर का कोई भी भाग उस क्षेत्र को छू जाता है तो प्रयास असफल माना जाता है छलांग का माप, फट्टी से लेकर उस स्थान तक गिना जाता है जहां अखाड़े में प्रतियोगी के शरीर के किसी भी अंग ने सर्वप्रथम जमीन को छुआ हो। कूदने के पश्चात पैरों को आगे-पीछे करके स्वतंत्र पैर पर लौडिंग करना परंतु ऊपरी भाग व सिर सीधा रहना चाहिए।

  • लंबी कूद लगाने के लिए रास्ते की लंबाई 40 से 50 मीटर
  • रास्ते की चौड़ाई – 1.22 मीटर से 1.25 मीटर
  • अखाड़े से फट्टी की दूरी – 1 मीटर
  • अखाड़े की लंबाई – 9 मीटर
  • अखाड़े की चौड़ाई – 2.75 मीटर 3.00 मीटर

लम्बी कूद की विधि

इस कूद की प्रमुख विधि निम्नवत हैं-

  1. कूदने वाले पैर को मालूम करने के लिए लम्बी कूद में भी उसी प्रकार से करेंगे जैसे कि ऊँची कूद में किया गया था। सर्वप्रथम कूदने वाले पैर को आगे सीधा रखेंगे और स्वतन्त्र पैर को इसके पीछे। यदि आपका कूदने वाला पैर बायां है तो बायें पैर को आगे और दायें को पीछे रखकर दायें पैर को घुटने से झुकाकर ऊपर की ओर ले जायेंगे और इसके साथ ही दायें हाथ को कुहनी से झुकाकर रखेंगे। यह विधि उसी प्रकार से होगी जैसे कि तेज़ दौड़ने वाले करते हैं। इस क्रिया को पहले खड़े होकर और बाद में चार-पाँच कदम चलकर करेंगे। जब यह क्रिया ठीक प्रकार से होने लगे तब थोड़ा दौड़ते हुए यही क्रिया करनी चाहिए। इस समय ऊपर जाते समय ज़मीन को छोड़ देना चाहिए।
  2. छः या सात कदम दौड़कर आगे आयेंगे और ऊपर जाकर कूदने वाले पैर पर ही नीचे ज़मीन पर आयेंगे। इसमें शरीर का भाग सीधा रहेगा जैसा कि ऊँची कूद में रहता है। अगले स्वतन्त्र पैर ज़मीन पर आयेंगे। इस क्रिया को कई बार दुहराने के बाद ज़मीन पर आते समय कूदने वाले पैर को भी स्वतन्त्र पैर के साथ ही ज़मीन पर ले आयेंगे।
  3. ऊपर की क्रिया को कई बार करने के पश्चात् एक रूमाल लकड़ी में बाँध कर कूदने वाले स्थान से थोड़ी ऊँचाई पर लगायेंगे और कूदने वाले बालकों को रूमाल को छूने को कहेंगे। ऐसा करने से एथलीट (Athletes) ऊपर जाना तथा शरीर के ऊपरी भाग को सीधा रखना सीख जायेगा।

अखाड़े में गिरने की विधि (लेडिंग)

दोनों पैरों को एक साथ करके एथलीटस पिट (Pit) के किनारे पर खड़े हो जायेंगे। भुजाओं को आगे-पीछे की ओर हिलायेंगें (Swing करेंगे)। साथ में घुटने भी झुकायेंगे और भुजाओं को एक साथ पीछे की ओर ले जायेंगे।

इसके पश्चात् घुटने को थोड़ा अधिक झुकाकर भुजाओं को तेज़ी के साथ आगे और ऊपर की ओर ले जाएँगे और दोनों पैरों के साथ अखाड़े (Pit) में जम्प करेंगे। इस समय इस बात का ध्यान रहे कि पैर गिरते समय जहाँ तक सम्भव हो, सीधे रहना चाहिए और इसके साथ ही पुट्ठों को आगे धकेलना चाहिए जिससे कि शरीर में पीछे झुकाव (Arc) बन सके जो कि हैंग स्टाइल (Hang Style) के लिए बहुत ही आवश्यक है।

एथलीटस (Athletes) को सात कदम घूमने को कहेंगे। आकर कूदते समय स्वतन्त्र पैर के घुटने को हिप (Hip) के बराबर लाएंगे। जैसे ही एथलीट (Athlete) हवा में थोड़ी ऊँचाई लेगा (लंबी कूद के नियम), स्वतन्त्र पैर को पीछे की ओर तथा नीचे की ओर लाएंगे जिससे कि वह कूदने वाले पैर के साथ मिल सके। कूदने वाला पैर घुटने से जुड़ा होगा और शरीर का ऊपरी भाग सीधा होगा। दोनों भुजाओं को पीछे की ओर तथा ऊपर की ओर गोलाई में ले जाएंगे।

जब खिलाड़ी हवा में ऊँचाई (लंबी कूद के नियम) लेता है, उस समय उसके दोनों घुटने झुके हुए जांघ की सीध में होंगे। दोनों भुजाएँ सिर की बगल में और ऊपर की ओर होंगी। शरीर पीछे की ओर झुकी हुई दशा में तथा जैसे ही एथलीट (Athletes) अखाड़े (Pit) में गिरने को होंगे वे स्वतन्त्र पैर घुटने से झुकाकर आगे को तथा ऊपर को ले जायेंगे पेट के नीचे की ओर लायेंगे तथा पैरों को सीधा करके ऊपर की दशा में हवा में रोकने का प्रयत्न करेंगे।

हिच किक की विधि

  1. जम्प करने के पश्चात् Spliy हवा में, पैरों को आगे-पीछे करके, स्वतन्त्र पैर पर लेडिंग (Lading) करना परन्तु ऊपरी भाग तथा सिर सीधा रहेगा, पीछे की ओर नहीं जाएगा।
  2. इस बार हवा में स्वतन्त्र पैर को रखेंगे और कूदने वाले पैर को आगे जा कर लेडिंग (Lading) करेंगे।
  3. अन्य सभी विधियाँ उसी प्रकार से होंगी जैसा कि ऊपर बताया गया है। केवल स्वतन्त्र पैर को लेडिंग (Lading) करते समय टेक आफ पैर के साथ ले आयेंगे और दोनों पैरों पर एक ज़मीन पर आयेंगे। अन्य शेष सभी विधियाँ उसी प्रकार से होंगी जैसे कि हैंग (Hang) में दर्शाया गया है। एथलीटस (Athletes) का पथ (Approach run) धीरे-धीरे बढ़ाते रहना चाहिए।
  4. ऊपर की क्रिया को कई बार करने के पश्चात् इस क्रिया को स्प्रिंग बोर्डों (Spring Board) की सहायता से करना चाहिए जैसा कि जिम्नास्टिक (Gymanstic) वाले करते हैं। स्प्रिंग बोर्ड (Spring board) सकता है जिससे कि एथलीटस को हवा में सही क्रिया विधि करने का अभ्यास हो जाए।

लम्बी कूद के लिए अप्रोच रन सेट करना

दो समानान्तर रेखाएँ 150 फुट की लम्बी डाल देंगे और एथलीटस (Athletes) को एक स्थान रेखा पर दोनों पैरों को एक साथ रखकर खड़ा होने को कहेंगे।

  1. अभी शरीर को आगे की ओर झुका कर कूदने वाले पैर को आगे निकाल कर भागेंगे। तीन या चार बार ऐसा करने पर जहाँ भी एथलीटस का तीसरा कदम आए वहाँ पर चूने से एक निशान लगा देंगे।
  2. यदि स्टेप आगे-पीछे आता है तो बीच के निशान पर निशान लगा देंगे।
  3. जहाँ भी छटवाँ कदम आता है वहीं निशान लगा देंगे।
  4. इस बार एथलीट आरम्भ से दौड़ेगा और तीन कदम, फिर छः कदम पर अपने निशान को पैर से हिट (Hit) करने के पश्चात् पूरी तेज़ी से आगे तक दौड़ेगा। कई बार ऐसा करने पर जहाँ भी उसका पैर टेक आफ बोर्ड (Take off Board) के पास आता है, निशान लगा देंगे।
  5. इस दूरी को फीता नाप लेंगे।

नोट

  1. कूदने वाले (Jumper) को हमेशा एक ही गति से दौड़ना चाहिए।
  2. चेक मार्क (Check mark ) लगाने से पहले शरीर को पूरा वार्म अप कर लेना चाहिए और अच्छा हो, दो या तीन बार तेज़ दौड़ (Wind Sprints) लगा लें।
  3. चेक मार्क (Check mark ) हमेशा कूदने वाले जूते के साथ लगानी चाहिए।
  4. सभी चेक मार्क (Check mark) कूदने वाले पैरों के पंजे से हिट (Hit) होनी चाहिए।
  5. चेक मार्क (Check mark ) समय-समय पर पैरों की तेज़ी के साथ आगे-पीछे होती रहती है। इस स्थिति में हमको अपनी गति (Speed) चेक (Check) नहीं करनी चाहिए। अपनी दूरी को बढ़ा-घटा सकते हैं।

वेट ट्रेनिंग की विधि

(1) डम्बल प्रैस

सीधे खड़े होकर दोनों हाथों में लोहे के डम्बल (Dumbells) लेकर कंधे पर रखेंगे और एक-एक करके ऊपर की ओर प्रैस करेंगे। तीन बार करेंगे (3×8)

(2) स्प्रिंट आर्म्स एक्शन

शरीर के आगे की ओर रखेंगे। घुटने थोड़े झुके और दोनों हाथों में 5 पौंड के डम्बल (Dumbells) होंगे। एक पैर आगे रखेंगे। अभी हाथों को तेज़ दौड़ने वालों की भांति कंधों से हिप के बीच में तेज़ी से चलायेंगे। एक सेट (Set) के पश्चात् पैर को बदलकर आगे-पीछे लायेंगे (3×12)

(3) हाफ स्क्वाट

कंधों पर भार रखकर घुटनों को झुकाना तथा सीधा करना, नीचे जाते समय जब पाँव ज़मीन के समानान्तर आ जाए तो ऊपर जाना चाहिए।

(4) एड़ियों को उठाना

दोनों पैरों को छः इंच (15 सेंटीमीटर) की दूरी पर लायेंगे और पंजे को 3 इंच (7.5 सेंटीमीटर) ऊँची लकड़ी पर रखेंगे। एड़ियाँ नीचे ज़मीन पर लगी होंगी। एड़ियों को ऊपर उठायेंगे और नीचे लायेंगे। इस क्रिया में इस बात का ध्यान रहे कि घुटने बिलकुल सीधे हो।

(5) लोहे के जूतों के साथ

दोनों पैरों में लोहे के जूते या कुछ और 15 पौंड का भार बाँध कर ज़मीन पर पैर आगे को करके बैठ जाना। हाथ पुट्ठों के बगल में होंगे। अभी दोनों पैरों (लंबी कूद के नियम) को एक साथ ऊपर उठाना और घुटनों से मोड़ (Bend) करके सीने की ओर लाना। फिर वापस ले जाना। इससे पैर ज़मीन पर तब तक नहीं लगेंगे जब तक कि एक सेट पूरा नहीं हो जाता है।

(6) जम्प के साथ हाफ स्क्वाट करना

कंधे पर भार रखकर एक पैर आगे रखकर दोनों को एक साथ सीधा करके हवा में उछाल (Jump) पैरों को आगे-पीछे लाना।

लम्बी कूद की क्रियाविधि

अप्रोच रन

40 मी. से 15 मी. लम्बा, अन्तिम तीन कदमों में शरीर नीचे की ओर जाएगा, घुटने अधिक झुके हुए होंगे। सम्पूर्ण 17 से 23 लम्बे डगों (स्ट्राइडों) के बीच उछलने (टेक आफ) से पूर्व का डग (स्ट्राइड) सबसे लम्बा होगा।

टेक आफ

कूदने उछलने वाला पैर घुटने से थोड़ा झुकेगा तथा पुट्ठों से थोड़ा आगे। पंजा पहले धरातल (कूदने वाली लकड़ी के तख्ते) पर लगेगा। इसके उपरान्त एड़ी बहुत ही सामान्य ढंग से ज़मीन से सम्पर्क करेगी।

हवा में शरीर की गतिविधि (फ्लाइट )

लम्बी कूद में निम्नलिखित दो प्रकार की तकनीक का प्रयोग किया जाता है-

  1. हैंग तकनीक तथा
  2. हिचकिक तकनीक या स्टेप तकनीक

हैंग तकनीक में (उछलने) टेक आफ लेने के उपरान्त हवा में ऊपर जाने पर फ्री लेग (मुक्त टांग) को पीछे लायेंगे एवं शरीर को पीछे की ओर झुकायेंगे। दोनों बाजुओं को ऊपर की ओर सीधा करेंगे। इसके उपरान्त दोनों पैरों को एक साथ लायेंगे और 90 अंश (डिग्री) पर रोक कर रखेंगे।

इस तरीके में अधिकतर सम्भावना यह होती है कि ऊपर का शरीर नीचे आने लगता है जिसके फलस्वरूप पैर जल्दी अखाड़े में लगते हैं। दूसरी सम्भावना यह रहती है कि दोनों पैरों को एक साथ आगे हवा में लाकर रोकने के लिए पैर के नीचे के भाग की मांसपेशियों को बहुत ही शक्तिशाली होना चाहिए।

विश्व में केवल टी. सी. योहनन भारत के पहले व्यक्ति हैं जिनके द्वारा इस विधि से 8 मी. के ऊपर की दूरी तय की गई। अतः 8 मीटर के ऊपर वालों के लिए यह तकनीक अनुकूल नहीं रहती है। प्रारम्भ करते समय इस तकनीक से सीख सकते हैं। बाद में डग तकनीक (स्टेप तकनीक) डेढ़ स्टेप, ढाई स्टेप व अन्त में साढ़े तीन स्टेप पीछे जा सकते हैं।

हैंग तकनीक में पैरों को हवा में उसी प्रकार चलायेंगे जिस प्रकार दौड़ते समय चलाते हैं। दोनों वाजुओं को कधों से चलायेंगे। सामान्यतः ढाई स्टेप विधि का प्रयोग किया जाता है किन्तु 8 मी. के ऊपर की दूरी जो खिलाड़ी तय करते हैं, वे सामान्यतः साढ़े तीन लेते हैं।

पहला स्टेप (डग) उस समय समाप्त होता है जबकि दायें पैर (बायें पैर से टेक आफ वालों के लिए) का घुटना जांघ की सीध में या थोड़ा ऊपर होता है तथा बायां पैर धरातल को छोड़ता है।

दूसरा स्टेप उस समय समाप्त होता है जबकि स्थिति ऊपर की स्थिति के ठीक विपरीत स्थिति में होती है। बायें पैर आगे से पीछे आने को और दायां पैर आगे जाने पर, दोनों पैरों को पट्ठों से घुमायेंगे। अन्तिम आधा स्टेप उस समय पूर्ण होगा जबकि दाया पैर बायें पैर के साथ अखाड़े में आने के लिए साथ मिलेगा। दोनों बांहें सन्तुलन बनाये रखने में सहायता करेंगी। अखाड़े में गिरते समय दोनों घुटने थोड़े मिले होंगे।

ध्यान देने योग्य बातें-

  1. अन्तिम डग को छोटा एवंम् बड़ा नहीं करेंगे ।
  2. टेक आफ धीमी गति अथवा ऐड़ी से नहीं लेंगे।
  3. शरीर के ऊपरी भाग को आगे-पीछे अधिक नहीं झुकायेंगे।
  4. हवा में पैरों को घुटनों से नहीं घुमायेंगे तथा शरीर का सन्तुलन रखेंगे।
  5. अखाड़े में आते समय दोनों पैर हवा में पर्याप्त ऊँचाई पर होंगे तथा दोनों पैर एक साथ अखाड़े में आयेंगे।
  6. अन्तिम डगों में दौड़ की गति धीमी नहीं होगी। दौड़ते समय शरीर सीधा रहेगा।

लांग जम्प के साधारण नियम

दौड़ने का रास्ता कम से कम 1.22 मी. चौड़ा और 40 मी. लम्बा होगा। टेक आफ बोर्ड 1.22 मी. लम्बा, 20 सेमी. चौड़ा तथा 10 सेमी. मोटा होगा और अखाड़े से 1 मी. की दूरी पर लगा होगा। अखाड़ा 2.75 मी. चौड़ा तथा 9 मी. लम्बा होगा। अखाड़े की बालू दौड़ने के रास्ते व टेक आफ के बराबर सतह पर होगी।

कूदने (लंबी कूद के नियम) वालों की संख्या 8 तक होने पर सभी को कूदने के 6 अवसर प्रदान किये जायेंगे। इस संख्या से अधिक होने पर 3 कूद के अवसर देंगे और इसमें से सर्वश्रेष्ठ आठ कूदने वालों को चुन लिया जायेगा। इनमें से कूदने वालों को डेढ़ मिनट का समय दिया जायेगा। बराबर होने पर दूसरी और तीसरी बार कूदने का अवसर देंगे। सभी कूदें बराबर होने पर प्रथम स्थान का निर्णय करने के लिए एक अतिरिक्त कूद लेने का अवसर देंगे। अन्य स्थानों के लिए नहीं। अखाड़े में गिरकर हाथ बाहर लगाने पर यदि हाथ गिरने की रेखा के पीछे लगा है तो वह फाउल होगा अन्यथा नहीं।

यह भी पढ़े – दौड़ के प्रकार, दौड़ने की क्रिया एवं विधि

Follow us on Google News:

Kamlesh Kumar

मेरा नाम कमलेश कुमार है। मैं मास्टर इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (Master in Computer Application) में स्नातकोत्तर हूं और CanDefine.com में एडिटर के रूप में कार्य करता हूँ। मुझे इस क्षेत्र में 3 वर्ष का अनुभव है और मुझे हिंदी भाषा में काफी रुचि है। मेरे द्वारा स्वास्थ्य, कंप्यूटर, मनोरंजन, सरकारी योजना, निबंध, जीवनी, क्रिकेट आदि जैसी विभिन्न श्रेणियों पर आर्टिकल लिखता हूँ और आपको आर्टिकल में सारी जानकारी प्रदान करना मेरा उद्देश्य है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *