नहाने का सही तरीका क्या है? क्या आपको मालूम है नहाना कैसे चाहिए?

नहाते तो हम सब हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि नहाने का सही तरीका क्या है (Nahane Ka Sahi Tarika Kya Hai)? क्या आपको मालूम है की नहाते समय हमें सबसे पहले सर पर पानी क्यों नहीं डालना चाहिए? स्नान करना या नहाना एक सामान्य प्रक्रिया है जो हम सब करते हैं और हर रोज करते हैं। लेकिन आजकल की भागदौड़ की दुनिया में लोग फटाफट नहाने जाते हैं और नहा कर फटाफट निकल आते हैं।

नहाने का सही तरीका क्या है (Nahane Ka Sahi Tarika Kya Hai)

नहाने का सही तरीका क्या है
Nahane Ka Sahi Tarika Kya Hai

सिर से नहाना पड़ सकता भरी

लेकिन क्या आप जानते हैं स्नान करने का सही तरीका क्या है। इस तरह से नहाना बिल्कुल गलत तरीका है। हम सभी को स्नान करने से पहले थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए। चलिए जानते हैं की नहाने का सही तरीका क्या है। हमारे पूर्वजों और ऋषि-मुनियों ने बहुत सारी बातें बताई हैं जोकि वैज्ञानिक रूप से भी सही मानी जाती है।

हमारे पूर्वजों ने स्नान के बारे में यह बताया है कि नहाते समय सबसे पहले हमें सर पर पानी नहीं डालना चाहिए। नहाते समय हमें सबसे पहले सिर पर पानी नहीं डालना चाहिए उसका सबसे महत्वपूर्ण कारण यह है कि हमारा सिर शरीर का सबसे ज्यादा गर्म हिस्सा होता है और पैर वाला हिस्सा सबसे ठंडा होता है।

जब सिर पर नहाते समय सबसे पहले पानी डालते हैं तो हमारा शरीर का तापमान अचानक से गिरने लगता है। पूरे शरीर से ब्लड सर्कुलेट होकर इंसान के सिर तक पहुंचता है। जब हम नहाते समय सबसे पहले सिर पर पानी डालते हैं तो यह मस्तिष्क के नसों को ठंडा कर सिकोड़ देता है।

जिससे ब्लड सरकुलेशन धीमा हो जाता है और चक्कर आने की संभावना बढ़ जाती है।हमारे विशेषज्ञों का भी यही मानना है कि ब्लड सरकुलेशन हमेशा ऊपर से नीचे यानी सिर से पैर की तरफ होता है यदि हम सिर पर सीधे ठंडा पानी डालते हैं तो मस्तिष्क की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और फिर भी ठंडा होने लगता है।इससे शरीर के ब्लड सरकुलेशन कम हो जाता है कभी कबार रुक भी जाता है। इस तरह से ब्लड सरकुलेशन अचानक गिरने पर या धीमा होने पर नस के फटने का या हाईटेक होने का खतरा बढ़ जाता है।

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पुराने समय में नहाने का तरीका

नहाना कैसे चाहिए। नहाने का सही तरीका यह है कि सबसे पहले हमें अपने पांव को भिगोना चाहिए। पैरों से शुरुआत करने के बाद धीरे-धीरे हमें अपनी जांघों पर उसके बाद पेट पर फिर अन्य हिस्सों पर पानी डालना चाहिए।

इस तरह से पैरों से होते हुए स्नान करने से इंसान के मस्तिष्क को शक्ति मिलती है और तनाव से भी मुक्ति मिलती है। कई लोगों का यह भी मानना है कि ज्यादातर ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक बाथरूम में ही आता है। इसकी यही वजह हो सकती है कि वह व्यक्ति गलत तरीके से नहाता है।

पुराने समय में पहले के लोग नदी में नहाया करते थे नदी में नहाने के लिए जब वह पैरों से चलकर जाते थे तो सबसे पहले उनके पैर दिखते थे। आजकल लोग बाथरूम में नहाते हैं और शावर खोल लेते हैं। जिसमें शरीर का सबसे पहले भीगने वाला अंग हमारा से होता है जो कि गलत तरीका है। तरीके से नहाने से हमारा मस्तिष्क और स्वास्थ्य सही रहता है। हमारा यह कहना है कि आप रोज नहाए लेकिन सही तरीके से नहाए।

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