PCV Vaccine क्या है? शिशुओं में न्यूमोनिया एवं दिमागी बुखार से बचाव करेगी PCV

PCV Vaccine क्या है (PCV Vaccine Kya Hai):- PCV Vaction full form (Pneumococcal Conjugate Vaccine) (न्यूमोकोकल संयुग्म वैक्सीन), न्यूमोनिया एवं डायरिया 5 साल से छोटे बच्चों में गम्भीर बीमारी होने का प्रमुख कारण हैं। PCV वैक्सीन (Pneumococcal Conjugate Vaccine) न्यूमोकोकस बैक्टीरिया से होने वाले न्यूमोनिया एवं अन्य बीमारियों से बचाव का सबसे कारगर तरीका है।

PCV Vaccine क्या है (PCV Vaccine Kya Hai)

PCV Vaccine क्या है

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PCV Vaccine क्या है

इस वैक्सीन के इस्तेमाल से बच्चों में न्यूमोनिया बीमारी और बाल मृत्युदर में काफी कमी आएगी। PCV महंगी वैक्सीन है, जो अभी तक केवल प्राइवेट डॉक्टरों के पास ही उपलब्ध थी । भारत सरकार अब उसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अन्तर्गत मुफ्त में उपलब्ध करा रही है। वर्ष 2015 के अनुमान के अनुसार भारत में हर 1000 नवजात शिशुओं में से 7 की न्यूमोनिया से मृत्यु हो जाती है। स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिए (Streptococcus pneumoniae) यानि न्यूमोकोकस बैक्टीरिया न्यूमोनिया का एक मुख्य कारण है।

न्यूमोकोकस क्या है इससे क्या बीमारियां होती है

न्यूमोकोकस, जिसे स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिए भी कहते हैं, एक बैक्टीरिया है, यह स्वस्थ लोगों के नाक और गले में बिना कोई बीमारी किए हुए भी पाया जाता है। यह शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है और कई बीमारियों जैसे- न्यूमोनिया, बैक्टेरीमिया, सेप्सिस (खून का इंफेक्शन), बैक्टीरीयल मेनिनजाइटिस (दिमागी बुखार), ओटाइटिस मीडिया (कान का इन्फेक्शन), साइन्यूसाइटिस, ब्रोन्काइटिस आदि करता है।

न्यूमोकोकल बीमारी कैसे फैलती है

यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को खांसने और छींकने से फैलती है। यह बैक्टीरिया 5 साल से छोटे बच्चों खासकर 2 साल से छोटे बच्चों, कम प्रतिरोधक क्षमता (immunocompromised) वाले बच्चों एवं वृद्ध लोगों को बीमार कर सकता है।

न्यूमोकोकल बीमारी कितनी बड़ी समस्या है

यह बीमारी बहुत बड़ी स्वास्थ्य समस्या है। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2010 में भारत में लगभग 36 लाख बच्चों में न्यूमोनिया होने की आशंका है जिसमें लगभग 5.6 लाख बच्चों में इसका कारण न्यूमोकोकल न्यूमोनिया है। लगभग 3.5 लाख बच्चों को न्यूमोनिया की वजह से मृत्यु की आशंका है जिसमें 1.05 लाख (30 प्रतिशत) बच्चों में मृत्यु का कारण न्यूमोकोकस बैक्टीरिया है।

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न्यूमोकोकल बीमारी से बचा

इस बीमारी की रोकथाम संभव है। इसे PCV वैक्सीन (Pneumococcal Conjugate Vaccine) के माध्यम से रोका जा सकता है। PCV Vaccine क्या है

PCV वैक्सीन के क्या फायदे हैं

न्यूमोकोकल बैक्टीरिया से होने वाले न्यूमोनिया, मेनिनजाइटिस (दिमागी बुखार), सेप्सिस (खून का इफेक्शन), कान का इन्फेक्शन एवं बैक्टीरीमीया से PCV वैक्सीन बचाव में सहायक है। इस वैक्सीन के उपयोग से बच्चे की बीमारी में होने वाले खर्च और परेशानी से बचा जा सकता है। यह वैक्सीन बिलकुल सुरक्षित और असरदार है। PCV सभी उम्र के बच्चों के लिए सुरक्षित है, ऐसे बच्चों के लिए भी जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है। भारत के Drug Controller (DCGI) ने मौजूदा सुरक्षात्मक आंकड़ों के आधार पर भारत में इसके इस्तेमाल की स्वीकृति दी है।

क्या PCV नई वैक्सीन है

यह नई वैक्सीन नहीं है। यह वैक्सीन सन् 2000 से अन्य देशों में इस्तेमाल की जा रही है और अभी 142 देशों के राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल है। इस वैक्सीन के इस्तेमाल से उन देशों के बच्चों में न्यूमोनिया बीमारी और बाल मृत्युदर में काफी कमी आई है। भारत में प्राइवेट डॉक्टरों द्वारा यह वैक्सीन 2006 से लगाई जा रही है। हमारे देश में भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे नियमित टिकाकरण के अंतर्गत इस वैक्सीन को अब तक उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश के चिन्हित जिलों में 2017 मध्य से लागू किया जा चुका है और अबतक PCV कवरेज रिपोर्ट दिसम्बर 2017 के अनुसार लगभग 11 लाख टीके इन चिन्हित जिलों में सफलतापूर्वक लगाऐ जा चुके है।

PCV वैक्सीन की कीमत क्या है

प्राइवेट में PCV की एक डोज की कीमत लगभग 3 से 4 हजार रूपए हैं। PCV वैक्सीन मंहगी है। भारत सरकार द्वारा PCV वैक्सीन नियमित टीकाकरण के अंतर्गत सरकारी अस्पताल, डिस्पेंसरी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं टीकाकरण सत्रों में बच्चों को मुफ्त लगाई जाएगी। PCV Vaccine क्या है

PCV वैक्सीन शरीर के किस हिस्से में किस डोज में और कैसे लगाया जाता है

  • PCV वैक्सीन डोज 0.5ml लगाई जाती है।
  • इंट्रामस्कुलर (intramuscular)
  • दाई मध्य जांघ के आगे एवं बाहरी भाग में (anterolateral aspect of right mid thigh).

PCV वैक्सीन के दुष्प्रभाव

यह पूरी तरह सुरक्षित एवं कारगर वैक्सीन है। PCV वैक्सीन के लगने से गंभीर दुष्प्रभाव की संभावना ना के बराबर है। वैक्सीन लगने की जगह पर हल्का दर्द या हल्का बुखार हो सकता है। वैक्सीन से होने वाले फायदे इसके मामूली साइडइफेक्ट से कहीं ज्यादा है। अगर बच्चे को बुखार आता है तो पैरासीटामोल की एक खुराक निर्धारित मात्रा में दी जा सकती है।

PCV वैक्सीन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी

  • न्यूमोनिया एवं डायरिया 5 साल से छोटे बच्चों में मृत्यु के प्रमुख कारण है। न्यूमोकोकस बैक्टीरिया न्यूमोनिया का एक मुख्य कारण है। यह स्वस्थ लोगों के नाक और गले में बिना कोई बीमारी किए हुए भी पाया जाता है। यह शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है और कई बीमारियों जैसे-न्यूमोनिया, खून का इफेक्शन, दिमागी बुखार, कान का इन्फेक्शन, आदि करता है।
  • न्यूमोकोकल बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को खांसने और छींकने से फैलती है। यह बैक्टीरिया 5 साल से छोटे बच्चों को खासकर 2 साल से छोटे बच्चों को कम प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चों को एवं वृद्ध लोगों को बीमार कर सकता है।
  • PCV वैक्सीन न्यूमोकोकस बैक्टीरिया से होने वाले न्यूमोनिया एवं अन्य बीमारियों से बचाव का सबसे कारगर तरीका है। इस वैक्सीन के इस्तेमाल से बच्चों में न्यूमोनिया बीमारी और बाल मृत्युदर में काफी कमी आएगी। PCV महंगी वैक्सीन है, जो अभी तक केवल प्राइवेट डॉक्टरों के पास ही उपलब्ध थी। प्राइवेट में PCV की एक डोज की कीमत लगभग तीन से चार हजार रूपए हैं। भारत सरकार अब उसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अन्तर्गत मुफ्त में उपलब्ध करा रही है। पहले चरण 2017 में उत्तर प्रदेश (6 जिले) बिहार (17 जिले). हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में नियमित टीकाकरण के अन्तर्गत सफलतापूर्वक शुरू कर दिया गया है।
  • PCV वैक्सीन तीन टीकों के में दी जाएगी रूप (दो प्राइमरी टीके और एक बूस्टर)। दो प्राइमरी टीके क्रमश: 1½ 1½ महीने (6 सप्ताह) और 3%½ महीने (14 सप्ताह) की उम्र पर और बूस्टर टीका 9 महिने की उम्र पर दिया जाएगा। (6 Weeks) (14 Weks) (19 Months) PCV की पहली डोज 6 सप्ताह की उम्र पर OPV-1. Penta-1 और अन्य निर्धारित टीकों के साथ दी जाएगी।
  • यह शरीर के दाई मध्य जांघ के आगे एवं बाहरी भाग में 0.5ml की डोज में और इंट्रामस्कुलर (intramuscular) तरीके से लगाया जाता।
  • PCV नई वैक्सीन नहीं है। यह वैक्सीन सन् 2000 से अन्य देशों में इस्तेमाल की जा रही है और अभी 142 देशों के राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल है। इस वैक्सीन के इस्तेमाल से उन देशों के बच्चों में न्यूमोनिया बीमारी और बाल मृत्युदर में काफी कमी आई है। भारत में प्राइवेट डॉक्टरों द्वारा यह वैक्सीन 2006 से लगाई जा रही है। इस वैक्सीन को अब तक उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश के चिन्हित जिलों में 2017 मध्य से लागू किया जा चुका है और अबतक PCV कवरेज रिपोर्ट दिसम्बर 2017 के अनुसार लगभग 11 लाख टीके इन चिन्हित जिलों में सफलतापूर्वक लगाऐ जा चुके है।
  • PCV पूरी तरह सुरक्षित एवं कारगर वैक्सीन है PCV वैक्सीन के लगने से गंभीर दुष्प्रभाव की संभावना ना के बराबर है। वैक्सीन लगने की जगह पर हल्का दर्द या हल्का बुखार हो सकता है। वैक्सीन से होने वाले फायदे इसके मामूली साइडइफेक्ट से कहीं ज्यादा है। अगर बच्चे को बुखार आता है तो पैरासीटामोल की एक खुराक निर्धारित मात्रा में दी जा सकती है।
  • समय से पहले जन्मे बच्चे (9 महीने से पहले) को भी PCV वैक्सीन 1½ महीने (6 सप्ताह) की उम्र पर दिया जा सकता है। यह वैक्सीन मामूली बीमारी बुखार, जुकाम या दस्त होने पर भी सुरक्षित है अगर बच्चा ज्यादा बीमार है तो डाक्टर की सलाह लेकर टीकाकरण करवाएं।
  • एक बार में एक से ज्यादा इंजेक्शन लगाना पूरी तरह से सुरक्षित है। सभी देय टीके एक साथ नहीं दिए जाने पर बच्चा लंबे समय तक उन बीमारियों से असुरक्षित रहेगा। एक ही बार में एक से ज्यादा देय इंजेक्शन देने से बच्चा जल्दी ही बीमारियों से सुरक्षित हो जाता है। इसके अलावा एक साथ इंजेक्शन देने से बार-बार टीकाकरण सत्र पर आना भी नहीं पड़ता।

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अस्वीकरण – यहां पर दी गई जानकारी एक सामान्य जानकारी है। यहां पर दी गई जानकारी से चिकित्सा कि राय बिल्कुल नहीं दी जाती। यदि आपको कोई भी बीमारी या समस्या है तो आपको डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। Candefine.com के द्वारा दी गई जानकारी किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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