पोलियो वायरस क्या है? और पोलियो कितने प्रकार का होता है?

पोलियो वायरस क्या है (Polio Virus Kya Hai) पोतियोमाइलाइटिस, पोलियो वायरस (विषाणु) टाइप 1, 2 एवं 3 के संक्रमण से होने वाता तीव्र विषाणुजन्य (Viral) रोग है, पद्यपि यह मूलतः मनुष्य की आंत का संक्रमण है परन्तु इसका प्रभाव केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र (Central nervous system) पर भी पड़ता है।

पोलियो वायरस क्या है (Polio Virus Kya Hai)

पोलियो वायरस क्या है
Polio Virus Kya Hai

पोलियो वायरस क्या है

संप्रेषण माध्यम (Mode of Transmission)

  • यह मुख्यतया मुख-मत (Orofaecal) मार्ग एवं बिंदुक संक्रमण द्वारा फैलता है।

उद्भवन काल (Incubation Period)

  • 5-35 दिन

चिकित्सकीय विशिष्टताएँ (Clinical Features

  1. अप्रकट अथवा लक्षण रहित संक्रमण,
  2. गले की खराबी (Sore throat), ज्वर, वमन एवं पीठ दर्द के या पतनशील (Abortive) पोलियो.
  3. पक्षाघात रहित (Non paralytic) पोलियो-गर्दन एवं पीठ में पीड़ा एवं अकड़न, सिरदर्द, ज्वर, त्वचा की अति संवेदनशीलता (Hypersensitivity) कब्जियित अत्यधिक रूदन (Excessive cry) पेशाब रुक जाना (Urinary retention).

पक्षाघातयुक्त पोलियो ( Paralytic Pollo)

यह तंत्रिकीय कोशाओं (Nerve cells) के नष्ट हो जाने के कारण होता है. इसके 4 प्रकार हैं जो तंत्रिकीय कोशाओं (Neurones) के नष्ट होने के स्थान पर निर्भर होते हैं।

  1. सोषुप्तिक (Spinal)
  2. बल्बर पोलियो
  3. पोलियोसेफेलाइटिस

सौतिक पक्षाघातयुक्त पोतियो (Spinal Paralytic Pollo)

हाथ-पांव प्रभावित होते हैं, बच्चा अपनी भुजाएं नहीं उठा पाता बड़े होने का कहा जाने पर लगड़ाहट देखी जा सकती है। डायफ्राम व डेल्टॉइड पेशी का पक्षाघात, पक्षाघातग्रस्त इतियम (Paralytic ileus) एवं आमाशय का तीव्र प्रसारण (Acute dilatation of stomach) देखा जा सकता है।

बल्वर पोतियो (Bulbar Pollo)

इसमें केवल मस्तिष्क स्तम्भ (Brain stem) अकेता प्रभावित होता है चेहरे (Facial paralysis) (nystagmus), तिर्थक दृष्टि (Squint) एवं द्वि दृष्टि (Diplopia) के रूप में तृतीय, चतुर्थ, षष्ठम एवं सप्तम कपातीय तंत्रिकाओं का पक्षाघात (3rd, Alth, Glth) and 7th cranmal nerve patsies) प्रकट होता है।

निगरण कष्ट (Difficully in swallowing) aterat (Nasal voice), are-e-emra (Palato pharyngeal paralysis), ग्रसनी में तार का एकत्र हो जाना, आहार का (दूध आदि) नाक से बाहर आ जाना आदि लक्षण भी उपस्थित होते हैं। रोग की तीव्र अवस्था में ऑक्सीजन न्यूनताजन्य affata ef (Hypoxic brain damage). (gasps vasomotor collapse) d हाथ-पादों का पक्षाघात देखा जा सकता है।

पोतियोऐसेफेलाइटिस (Polloencephalitis)

बीमारी के पश्चात् एकाएक इस प्रकार का पोतियो प्रकट होता है, इसमें तस्त पस्तता (Listlessness) बेसुधता (Disorientation), कंपन (Tremors), भयग्रस्तता (Confused state) असंतुलन (Ataxia) (Nystagmus). आक्षेप (Convulsions)। तीव स्वर एवं हाथ-पांव की अकड़न जो बाद में शिथित पक्षाघात (Flaccid paralysis में परिवर्तित हो जाती है। देखी जा सकती है।

रोग निरोधक उपाय (Preventive Measures)

  1. पोलियो टीकाकरण एक-एक माह के अन्तर से पोतियो की दवा (Oral polio vaccine, OPV) 3 से 5 माह तक पिलाई जाती है। 45 दिनों के पश्चात् टीकाकरण किया जाता है।
  2. मुखपत मागीय संक्रमण की रोकथाम (मत की सुरक्षित निकासी एवं जत की शुद्धता सुनिश्चित करें)।

यह भी पढ़े – पोलियो वैक्सीन क्या होती है?

अस्वीकरण – यहां पर दी गई जानकारी एक सामान्य जानकारी है। यहां पर दी गई जानकारी से चिकित्सा कि राय बिल्कुल नहीं दी जाती। यदि आपको कोई भी बीमारी या समस्या है तो आपको डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। Candefine.com के द्वारा दी गई जानकारी किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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Mamta Jain

मैं ममता जैन मीडिया क्षेत्र में मैं तीन साल से जुड़ी हुई हूं। मुझे लिखना काफी पसन्द है और अब मैने यही मेरा प्रोफेशन बना लिया है। मैं जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट हूं। हेल्थ, स्वास्थ्य, मनोरंजन, सरकारी योजना, क्रिकेट, न्यूज़ और ब्यूटी पर लिखने में मेरा स्पेशलाइजेशन है। हेल्थ और ब्यूटी से जुड़ी जानकारी जानने के लिए मुझे फॉलो करें।

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