भोजन से प्राप्त में प्रोटीन के कार्य और प्रोटीन के मुख्य स्रोत के बारे में जाने

प्रोटीन के कार्य और प्रोटीन के मुख्य स्रोत के बारे में जानना बहुत ही जरूरी है। ‘प्रोटीन’ हमारे भोजन का बहुत जरूरी अंग है। यह भोजन का ऐसा तत्व है जो हमारी हड्डियों, मांस-पेशियों, त्वचा तथा कुछ अन्य अंगों की रक्षा करता है। उचित मात्रा में सेवन किया प्रोटीन (Protein Ke Karya) इन अंगों की रक्षा व स्वस्थता प्रदान करता है। बल्कि इन्हें निर्मित भी करता है। है न जरूरी तत्व!

प्रोटीन के कार्य (Protein Ke Karya)

प्रोटीन के कार्य

यह भी पढ़े – शरीर में वसा के कार्य और वसा के मुख्य स्रोत के बारे में जाने

प्रोटीन के मुख्य स्रोत

S.Noप्रोटीन
1.चना
2.चावल
3.मक्का
4.मटर
5.ज्वार
6.मूंग
7.मसूर
8.उड़द
9.सोयाबीन
10.मूंगफली
11.बादाम
12.राजमा
13.लोभिया
14.गेहूँ
15.मांस
16.मछली
17.अंडा
18.दूध
19.यकृत प्रोटीन
20.दाल

प्रोटीन के कार्य

  • आप जानकर चकित होंगे कि हमारे मानव शरीर को 23 प्रकार के व घटक अमीनो चाहिएं।
  • हम जो भोजन खाते हैं, उससे हम मात्र 8 प्रकार के अमीनो पा सकते हैं। शेष 15 अमीनो का निर्माण शरीर अपने आप करता है।
  • और आश्चर्य की बात! हमारे भोजन में विद्यमान प्रोटीन के ये घटक अमीनो अम्लों में स्वयं बदल जाते हैं।
  • शरीर को प्रोटीन की आवश्यक मात्रा मिलती रहे, इसके लिए हमें (1) दूध, (2) अण्डा, (3) गेहूं, (4) मक्का, (5) चावल, (6) दालें, (7) मांस, (8) ज्वार, (9) बाजरा सेवन करने चाहिएं। मूंगफली, बादाम भी खाएं।
  • हमें मांस से 26 प्रतिशत, अण्डे से 28 प्रतिशत, बादाम से 17 प्रतिशत, मूंगफली तथा दालों से 19 प्रतिशत प्रोटीन प्राप्त होता है।
  • बच्चों को उनके शारीरिक वज़न का 2 ग्राम प्रतिकिलो तथा बड़ों को उनके वजन का एक ग्राम प्रति किलो प्रोटीन कम से कम लेना चाहिए। मान लो बच्चे का वजन पांच किलो है तो उसे प्रतिदिन कम से कम 10 ग्राम प्रोटीन अवश्य खिलाएं। यदि किसी बड़े का वज़न 50 कि.ग्राम हो तो उसे कम से कम 50 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन तो मिलना ही चाहिए।
  • हमारे शरीर में असंख्य कोष्ठ होते हैं। ये सब प्रोटीन से बने होते हैं।
  • प्रोटीन्स शरीर के तन्तुओं का निर्माण करते हैं। इतना ही नहीं, वे नष्ट हो गए भागों की मुरम्मत भी करते हैं।
  • प्रोटीन्स जैली जैसे या घुले हुए गोंद की नाई होते हैं।
  • प्रोटीन्स में जो नाइट्रोजन नाम का तत्त्व होता है वह मृत या मृतप्राय कोषों की मुरम्मत करता है। निर्माण भी।
  • एनिमल प्रोटीन्स- ये पशुओं से प्राप्त होते हैं। ये हैं, दूध, अण्डा, मांस आदि
  • वानस्पतिक प्रोटीन्स-दालों, अनाजों व शाक-सब्जियों से प्राप्त होते हैं जैसे जौ, बाजरा, गेहूं, चना, मक्का, सूखे मेवे व दालें। एनिमल प्रोटीन्स इसलिए अधिक उत्तम होते हैं क्योंकि ये शरीर की धातुओं के साथ आसानी से मिल जाते हैं।

यह भी पढ़े – निरोग रहने के उपाय, इन्हें आजमाएं और निरोगी बने

अस्वीकरण – यहां पर दी गई जानकारी एक सामान्य जानकारी है। यहां पर दी गई जानकारी से चिकित्सा कि राय बिल्कुल नहीं दी जाती। यदि आपको कोई भी बीमारी या समस्या है तो आपको डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। Candefine.com के द्वारा दी गई जानकारी किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Subscribe with Google News:

Leave a Comment