राजीनामा क्या होता है? और किन मामलो में हो सकता है राजीनामा?

राजीनामा क्या होता है (Rajinama Kya Hota Hai), राजीनामा एक ऐसा समझौता है जो दो पक्षों के बीच में आपसी सहमति से होता है राजीनामा को करने के लिए दोनों पक्षों को आपस में सहमत होना होता है और यदि दोनों में से कोई एक पक्ष इस से सहमत नहीं है तो राजीनामा नहीं किया जा सकता है गंभीर अपराधों में राजीनामा होना संभव नहीं। सुलहनामा क्या होता है। समझौता कैसे करे।

राजीनामा क्या होता है (Rajinama Kya Hota Hai)

राजीनामा क्या होता है
Rajinama Kya Hota Hai

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राजीनामा क्या होता है

दो पक्षों के बीच में चल रहे आप जी जमीन और जायदाद के झगड़ों में कोर्ट में केस दायर किए जाते हैं और केस ज्यादा लंबा चलने या फिर कोर्ट के द्वारा दोनों पक्षों को आपस में समझौता करने की सलाह दी जाती है यदि इस स्थिति में दोनों पक्ष आपस में समझौता कर लेते हैं तो दोनों के बीच में होने वाला समझौता राजीनामा कहलाता है।

जब दो पक्षों के बीच में झगड़ा हो जाता है और पुलिस केस कर दिया जाता है तब पुलिस ऐसी स्थिति में दोनों पक्ष में समझौता करवा कर ऐसे केस्को खत्म करने की कोशिश करती है और दोनों पक्ष को आपस में एक राजीनामा करवाया जाता है। चल रहे तलाक के केस मैं दोनों पक्ष यदि राजीनामा कर लेते हैं तब इस स्थिति में कोर्ट में चल रहे केस को खत्म करने के लिए एक अपील कर सकते हैं।

कोर्ट में चल रहे केसो मैं ऐसे बहुत से ऐसे केस होते हैं जिसमें समझौता कराया जा सकता है ऐसे केसों को जल्द से जल्द खत्म करने के लिए कोर्ट को यह शक्ति प्रदान की गई है कोर्ट को यदि ऐसा लगता है कि इस केस को समझौते के द्वारा सुलझाया जा सकता है तो कोर्ट अपने इस अधिकार का प्रयोग कर कर दोनों पक्षों के बीच समझौता करा कर उनको राजी करवाती है और और उनके बीच राजीनामा करवाया जाता है।

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