राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना क्या है? राष्ट्रीय गोकुल मिशन की स्थापना कब हुई?

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना क्या है (Rashtriya Gokul Mission Kya Hai) :- कृषि और पशुपालन भारतीयों की पारंपरिक आजीविका है। अक्टूबर, 2019 में जारी 20वीं पशुधन गणना के अनुसार, पशुधन की दृष्टि से संपन्न भारत में कुल गौवंशीय (Bovine) आबादी 302.79 मिलियन आकलित की गई है। देश में कुल मवेशियों (Eattle) की संख्या 192.49 मिलियन है। गायों की संख्या 145.21 मिलियन, जबकि भैसों की संख्या 109.85 मिलियन आकलित की गई है।

भारत में विगत कुछ वर्षों से बढ़ती क्रॉस ब्रीडिंग से देशी तथा विदेशी नस्लों की गायों की पहचान पर संकट उत्पन्न हो गया है। इसलिए देशी नस्ल की गायों के संरक्षण और नस्ल के आनुवांशिक विकास को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा 28 जुलाई, 2014 को ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन’ की शुरुआत की गई।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना क्या है

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना क्या है
Rashtriya Gokul Mission Kya Hai

राष्ट्रीय गोकुल मिशन का उद्देश्य

  1. देशी गोपशु नस्लों का संरक्षण एवं विकास करना।
  2. देशी पशुओं की नस्लों का आनुवांशिक सुधार और पशुओं की संख्या में वृद्धि करना।
  3. दुग्ध उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ावा देना।
  4. महत्वपूर्ण देशी नस्लों यथा गिर, साहीवाल, राठी, देओनी, थारपरकर, लाल सिंधी और अन्य देशी नस्ल के पशुओं को आनुवांशिक रूप से उन्नत करना।
  5. पशुधन और पशुधन के उत्पादों के व्यापार में वृद्धि करना। (vi) प्राकृतिक सेवाओं (कृषि एवं प्रजनन) के लिए उच्च आनुवांशिक गुणों वाले सांडों का वितरण करना।

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राष्ट्रीय गोकुल मिशन के मुख्य तथ्य

  • यह शत-प्रतिशत केंद्र प्रायोजित योजना है।
  • राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना का कार्यान्वयन राज्य कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा पशुधन विकास बोर्ड के माध्यम से किया जाएगा।
  • राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत देशी नस्लों के प्रजनन के लिए प्रदेशों में ‘गोकुल ग्राम’ की स्थापना पीपीपी मॉडल (Public Private Partnership Model) पर की जाएगी।
  • गोकुल ग्राम पशुओं के पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए चारे का उत्पादन भी करेंगे।
  • गोकुल ग्राम पशुओं को बीमारियों से मुक्त रखने के लिए नियमित रूप से ब्रूसीलोसिस (Brucellosis), टीबी (TB) और जेडी (JD) जैसी बीमारियों की जांच करेंगे। इसके अतिरिक्त गांव में एक डिस्पेंसरी और एआई केंद्र भी खोले जाने का प्रस्ताव किया गया है।
  • गोकुल ग्राम दूध, जैविक खाद, केंचुआ खाद, यूरिन डिस्टिलेट, बायोगैस से विद्युत उत्पादन तथा पशु उत्पादों की बिक्री के माध्यम से आर्थिक संसाधन पैदा करेंगे।

Rashtriya Gokul Mission योजना के लिए पात्रता

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना का लाभ लेने के लिए जो कोई भी व्यक्ति आवेदन करना चाहते हैं तो उसके लिए निम्न पात्रता होना अनिवार्य है जो इस प्रकार है –

  • भारत का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
  • व्यक्ति की आयु 18 वर्ष से अधिक होना चाहिए।
  • जो व्यक्ति पशुपालन और कृषि करते हैं वही इस योजना के लिए पात्र होंगे।
  • यदि सरकारी कर्मचारी जो किसान का कार्य करते हैं और जिन व्यक्तियों को सरकारी पेंशन मिलती है वह ऐसी योजना के पात्र नहीं।
  • इस योजना का लाभ आम नागरिकों को नहीं दिया जाएगा।

Rashtriya Gokul Mission योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • मूल निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया

  • सबसे पहले आपको राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना की आधिकारिक वेबसाइट (https://dahd.nic.in/) पर जाना है।
  • अब आपको राष्ट्र गोकुल मिशन योजना के आवेदन विकल्प चुनना है और फॉर्म को डाउनलोड कर लेना है।
  • अब आपको राष्ट्र गोकुल मिशन योजना का फॉर्म प्रिंट आउट कर लेना है।
  • फॉर्म में पूछी गई सारी जानकारियां को भरना है और आवश्यक दस्तावेजों को साथ में अटैच करना है।
  • फॉर्म भर जाने के बाद आपको आवेदन के लिए संबंधित कार्यालय में जाकर फॉर्म को जमा करना है।
  • फॉर्म जमा करने के बाद आपकी आवेदन प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी और आपके द्वारा दिए गए सभी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।

Rashtriya Gokul Mission का निष्कर्ष

गोकुल मिशन परियोजना के अंतर्गत वैज्ञानिक ढंग से देशी नस्लों का संरक्षण एवं विकास किया जा रहा है। राष्ट्रीय पशु प्रजनन एवं डेयरी विकास कार्यक्रम के अधीन राष्ट्रीय गोकुल मिशन द्वारा किए गए कार्य अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि विश्व में भारत का दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान है। उचित एवं सार्थक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए इस परियोजना का सतत रूप से कार्य करना आवश्यक है। इस योजना से जहां एक ओर खाद्य सुरक्षा के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा, वहीं यह पशुपालकों की आय के स्तर को भी बढ़ाने में सहायक होगा।

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