सेंटेंस कितने प्रकार के होते हैं? वाक्य कितने प्रकार के होते हैं?

सेंटेंस कितने प्रकार के होते हैं (sentence kitne prakar ke hote hai), संरचना (Construction) के आधार पर Sentences तीन प्रकार के होते हैं 1.Simple Sentence (सरल वाक्य), 2.Compound Sentence (संयुक्त वाक्य), 3.Complex Sentence (मिश्रित वाक्य), सेंटेंस के कितने भाग हैं, सेंटेंस किसे कहते हैं।

सेंटेंस कितने प्रकार के होते हैं (sentence kitne prakar ke hote hai)

सेंटेंस कितने प्रकार के होते हैं

सेंटेंस की परिभाषा :- “शब्दों का ऐसा समूह जिससे वाक्य का कोई भाव प्रकट या व्यक्त हो उसे हम सेंटेंस या वाक्य कहते हैं।”

TYPES OF SENTENCES

Sentences (वाक्यों का विभाजन निम्नलिखित दो आधारों पर किया जा सकता है

  1. Structure (बनावट) के आधार पर
  2. Meaning (अर्थ) के आधार पर

STRUCTURE (बनावट) के आधार पर विभाजन

सेंटेंस कितने प्रकार के होते हैं
सेंटेंस कितने प्रकार के होते हैं (sentence kitne prakar ke hote hai)

संरचना (Construction) के आधार पर Sentences तीन प्रकार के होते हैं

  1. Simple Sentence (सरल वाक्य)
  2. Compound Sentence (संयुक्त वाक्य)
  3. Complex Sentence (मिश्रित वाक्य)

Simple Sentence (सरल वाक्य)

Simple Sentence शब्दों का एक ऐसा समूह होता है जिससे पूर्ण भाव व्यक्त होता हो तथा जिसमें एक अकर्मक क्रिया (Finite Verb) होती है। जैसे –

  1. He goes to school everyday.
  2. The sun set in the west.
  3. Silver is white.

Compound Sentence (संयुक्त वाक्य)

Compound Sentence एक ऐसा वाक्य होता है जिसमें दो या दो से अधिक Co-ordinate Clauses (समान उपवाक्य) होते हैं। जैसे –

  1. The sun rose and everything looked bright.
  2. God made the world and man made the country.
  3. He was a mere boy but he offered to fight the dragon and killed him.

Complex Sentence (मिश्रित वाक्य)

Complex Sentence एक ऐसा वाक्य होता है, जिसमें एक Main अथवा Principal Clause (मुख्य) उपवाक्य) होता है तथा एक या एक से अधिक Subordinate Clauses (सहायक उपवाक्य) होते हैं। जैसे –

  1. If it rains, we shall stay at home.
  2. As we tried to enter the inn, the innkeeper said that there was no room
  3. She is the girl whom we all respect.
  4. They waited till the lion came to the place where the deer stood.

MEANING (अर्थ) के आधार पर SENTENCES (वाक्यों) का विभाजन

सेंटेंस कितने प्रकार के होते हैं

Meaning (अर्थ) के आधार पर Sentences पाँच प्रकार के होते हैं –

  1. Assertive Sentences
  2. Interrogative Sentences
  3. Imperative Sentences
  4. Exclamatory Sentences
  5. Optative Sentences

ASSERTIVE SENTENCES OR STATEMENTS (वर्णनात्मक वाक्य)

लेखों तथा रचनाओं में Statements का प्रयोग सबसे अधिक होता है, इसीलिए इनका अत्यधिक महत्त्व है। Sentences which simply affirm or deny something are called Assertive sentences or statements यह वाक्य जिनमें बात सीधे ढंग से कही जाती है, विधिसूचक वाक्य या कथन कहलाते हैं। इस प्रकार के वाक्य किसी स्थिति का बोध कराते हैं, सूचना देते हैं या किसी घटना का ज्ञान कराते हैं। जैसे –

  1. The sun rises in the cast.
  2. The earth revolves round the sun.
  3. We should not run on the road.
  4. We did not play the cricket match yesterday.
  5. Honesty is the best policy.

उपरोक्त सभी Assertive Sentences या Statements हैं, जिनमें किसी न किसी स्थिति का बोध कराया गया है। वाक्य (3) और (4) negative (नकारात्मक या निषेधात्मक) हैं। इन Sentences को हम Assertive या Declarative Sentences भी कहते हैं। ये Assertive या Declarative Sentences ‘हाँ’ अथवा ‘न’ में हो सकते हैं। जो वाक्य ” में होते हैं, उनको Positive या Affirmative Sentences कहते हैं। जैसे –

  1. Every man makes mistakes.
  2. Walking is a good exercise.
  3. Work is worship.

जो Assertive या Declarative Sentences ‘न’ में होते हैं, वे Negative Sentences कहलाते हैं। जैसे –

  1. It was not raining in the morning.
  2. We should not run on the road.
  3. She will not tell a lie.
  4. He does not go to school.
  5. He has promised never to touch wine again.

INTERROGATVE SENTENCES (प्रश्नवाचक वाक्य)

प्रश्न पूछने के लिए Interrogative Sentences का प्रयोग किया जाता है। इस प्रकार के वाक्यों के अन्त में प्रश्नवाचक चिह्न (?) लगाया जाता है। प्रश्नवाचक वाक्य दो प्रकार के होते हैं –

(1.) Helping Verb से आरम्भ होने वाले प्रश्नवाचक वाक्य ऐसे वाक्यों का हिंदी में अनुवाद करने पर सर्वप्रथम ‘क्या’ शब्द आता है। इनका उत्तर ‘yes’ या ‘no’ कहने मात्र से दिया जा सकता है। Helping Verbs से आरम्भ होने वाले Questions और उनके विभिन्न उत्तरों को निम्नलिखित तालिका की सहायता से समझिए –

QuestionsAnswers
1. Is the mango ripe?(i) Yes
(ii) Yes, it is.
(iii) Yes, mango is ripe.
(iv) No.
(v) No, it is not.
(vi) No, mango is not ripe.
2. Are you going to the market?(i) Yes.
(ii) Yes, I am.
(iii) Yes, I am going to the market.
(iv) No.
(v) No, I am not.
(vi) No, I am not going to the market.
3. Do you know her?(i) Yes.
(ii) Yes, I do.
(iii) Yes, I know her.
(iv) No.
(v) No, I do not.
(vi) No, I do not know her.
4. Can he ride a horse?(i) Yes.
(ii) Yes, he can.
(iii) Yes, he can ride a horse.
(iv) No.
(v) No, he cannot.
(vi) No, he cannot ride a horse.

(2.) प्रश्नसूचक शब्द (How, Who, Whom, Whose, etc.) से आरम्भ होने वाले प्रश्नवाचक वाक्य वे वाक्य जिनमें प्रश्नसूचक शब्द वाक्य के आरम्भ में आते हैं, उन्हें प्रश्नवाचक वाक्य कहते हैं। जैसे –

  1. What is your name?
  2. Where do you live?
  3. Where do you live?
  4. When do you have lunch?

उपरोक्त सभी वाक्य Question Word से आरम्भ रहे हैं और सबके अन्त में Interrogation Mark (?) लगा हुआ है। इस प्रकार के sentences का उत्तर केवल Yes या No में नहीं दिया जा सकता। इन Questions के Answers आवश्यकतानुसार होंगे।

IMPERATIVE SENTENCES OR COMMANDS (आज्ञासूचक वाक्य)

Imperative Sentences का प्रयोग विनय (Request). आदेश (Command), सुझाव ( Suggestion), परामर्श (Advice). निषेध (Prohibition) आदि भावों को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए निम्नलिखित वाक्यों को देखिए –

Please get me a ticket.(request विनय)
Never tell a lie.(advice परामर्श)
Do not run on the road.(prohibition निषेध)
Stop writing.(command आदेश)
Always speak the truth.(sermon उपदेश)

उपरोक्त वाक्यों के अध्ययन से निम्नलिखित निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं –

  • Imperative Sentences में कर्ता छिपा (understood) होता है, जो सदैव ‘you’ होता है। जैसे यदि कहा जाए ‘Get out’ तो इसका अर्थ होता है ‘You Get our Subject लिखा नहीं जाता परन्तु समझा जाता है।
  • Imperative Sentences के अन्त में Full Stop (.) लगाया जाता है।
  • Imperative Sentences में Verb की First Form (मूल रूप) का ही प्रयोग किया जाता है।

EXCLAMATORY SENTENCES (विस्मयसूचक वाक्य)

Exclamatory Sentences से आश्चर्य (wonder), शोक (sorrow) प्रशंसा (admiration), हर्ष (joy) आदि के भाव प्रकट होते हैं। उदाहरण के लिए निम्नलिखित वाक्यों को पढ़िए –

How fat Sami is!(wonder आश्चर्य)
What a shame!(sorrow दुख)
How clever you are!(admiration प्रशंसा)
Hurrah! Mother has come.(joy हर्ष)
Alas! He is dead!(sorrow दुख)

उपरोक्त वाक्यों के अध्ययन से निम्नलिखित निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं

  • Exclamatory Sentences में आश्चर्य, शोक, हर्ष, प्रशंसा आदि भावों की अभिव्यक्ति होती है।
  • Exclamatory Sentences प्राय: How, What, Alas, Bravo, Hurrah आदि शब्दों से आरम्भ होते है।
  • कभी-कभी Exclamatory Sentences में क्रिया का स्पष्ट प्रयोग नहीं होता है।
  • Exclamatory Sentences के अंत में Exclamatory Mark (!) लगाया जाता है।

OPTATIVE SENTENCES (इच्छासूचक वाक्य)

जिन Sentences में हम किसी को वरदान या अभिशाप देते हैं या किसी की आराधना करते हैं या कोई प्रकट करते हैं, उन्हें Optative Sentences कहते हैं। जैसे –

May you achieve success in life!(blessing आशीर्वाद)
God! Save the kind!(wish इच्छा)
I wish that I were the king!(wish इच्छा)
May God grant you a child!(blessing आशीर्वाद)

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