कई रोगों से छुटकारा मिलता है शरीर की आंतरिक शुद्धि से ऐसे करें शुद्धि

कई रोगों से छुटकारा मिलता है शरीर की आंतरिक शुद्धि से ऐसे करें शुद्धि, हम जितना भी भोजन तथा अन्य पदार्थ मुंह के रास्ते पेट तक पहुंचाते हैं, ये सभी नहीं पच पाते। कारण यह कि कम चबाने से, कम लार बनने से, कम पाचक तत्व उत्पन्न होने से, पहला भोजन पचे नहीं तथा और खा लेने से भोजन सुपाच्य न होने से, भारी भोजन का सेवन करने से मतलब ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से शरीर में भोजन अधपचा भी रह जाता है। यदि ऐसा होता है तो इससे कई प्रकार के विष उत्पन्न होकर हमें रोगी बनाने का काम करते हैं। इन्हें निकालना ही शरीर-शुद्धि है।

कई रोगों से छुटकारा मिलता है शरीर की आंतरिक शुद्धि से ऐसे करें शुद्धि

कई रोगों से छुटकारा मिलता है शरीर की आंतरिक शुद्धि से ऐसे करें शुद्धि

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शरीर की आंतरिक शुद्धि के नियम

  • संचित विष को निष्कासित करने से शरीर शुद्ध व निरोग हो जाता है।
  • शरीर की आंतरिक शुद्धि उपवास, क्षारप्रधान आहार लेने से भी होती है।
  • हमारे कार्यों में कोई रुकावट न आए, इसलिए सरल उपाय दिए जा रहे हैं।

सोमवार

पहला दिन सोमवार को चुना है। दो गिलास पानी प्रातः ही लें। इसे जल उपवास नाम देते हैं। इस पानी में नींबू रस भी डाल सकते हैं। दो घंटों बाद गर्म पानी से स्नान या भाप से स्नान करें। यदि पेट साफ कर चुके हैं तो ठीक, वरना नींबू युक्त गर्म पानी से एनिमा लें। दिन में तीन बार सादा पानी तथा तीन बार नींबू पानी लें। रात पेट पर पट्टी बांधकर सोएं।

मंगलवार

प्रातः पहले नींबू पानी, फिर कटिस्नान और बाद में एनिमा लें। दो घंटे बाद फलों का रस या सब्ज़ियों का रस एक गिलास पी लें। दोपहर को केवल उबली सब्जी खाएं। शाम को फलों या सब्ज़ियों का रस एक गिलास । रात को भोजन उबली सब्ज़ियों का रस। सोने के लिए पेट पर पट्टी बांधे।

बुधवार

केवल नींबू पानी दो गिलास एनिमा नहीं। फल या सब्ज़ी का रस। दो घंटे बाद कटिस्नान, फिर दोपहरी में नमक वाले गर्म पानी से स्नान। भाप हो तो भाप से स्नान। रात पट्टी बांधकर सोएं।

वीरवार

आज नींबू पानी पी फिर एनिमा लें। भाप स्नान करें। नहीं तो गर्म पानी से पैर स्नान से काम चलाएं। नाश्ता में फल या सब्ज़ियों का र पीएं। फल तथा कच्ची सब्ज़ी दोपहर को खाएं। भाजियों का गर्म सूप भी लें। शाम को छाछ जो खट्टी न हो पी लें । अथवा केवल फलों का रस पीएं। शाम के समय, कुछ अन्तराल के बाद कटिस्नान लें। रात को फलों तथा सब्ज़ियों को ही खाएं। वैजिटेबल सूप भी लें सोते वक्त पट्टी मत बांधें।

शुक्रवार

आज नींबू पानी तो पी लें मगर एनिमा न लें। स्नान के समय कटिस्नान या रीढ़-स्नान लें। नाश्ते में एक छोटा गिलास दूध । इच्छानुसार फल । लंच में दो गेहूं की रोटी, साथ में साग-सब्ज़ी लें। अथवा अंकुरित कच्चे गेहूं का सेवन करें। या छाछ, सब्जी, फल ले सकते हैं। रात का भोजन भी दोपहर का सा चुनें। शाम को फलों का रस। आज रात फिर पट्टी पेट पर बांधें।

शनिवार

नींबू का रस पीएं। इसमें शहद मिला सकते हैं। फिर कटिस्नान। नाश्ते में सब्ज़ियों का या फलों का रस या सब्ज़ियों का सूप। शेष सब शुक्रवार जैसा ।

रविवार

आज प्रातः से रात्रि तक सामान्य आहार-विहार पर आ जाएं। इसी के अनुसार चलते रहें। ऐसा ‘शरीर शुद्धि’ कार्यक्रम वर्ष में दो बार करें। शरीर की निरोगता में वृद्धि होगी। वज़न कम होगा। विषाक्त पदार्थ निकल जाएंगे। हर प्रकार से सुखी अनुभव करने लगेंगे। यह सरल भी है।

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अस्वीकरण – यहां पर दी गई जानकारी एक सामान्य जानकारी है। यहां पर दी गई जानकारी से चिकित्सा कि राय बिल्कुल नहीं दी जाती। यदि आपको कोई भी बीमारी या समस्या है तो आपको डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। Candefine.com के द्वारा दी गई जानकारी किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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