स्किन कितने प्रकार की होती है? स्किन में कितनी लेयर होती है?

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स्किन कितने प्रकार की होती है (Skin Kitne Prakar Ki Hoti Hai) और स्किन में कितनी लेयर होती है आप स्किन को कैसे पेहचानेंगे इन सब सवालों का जबाब आप आज इस पोस्ट दिया है। ब्यूटीशियन को हमेशा स्किन पर काम करना पड़ता है इसलिए उसे स्किन के बारे में सामान्य जानकारी होना बहुत ही जरूरी है। कर किसी की स्किन अलग-अलग प्रकार की होती है इसलिए अलग टाइप की स्किन के अनुसार ही करें अपनी त्‍वचा की देखभाल।

स्किन कितने प्रकार की होती है (Skin Kitne Prakar Ki Hoti Hai)

स्किन कितने प्रकार की होती है

स्किन में नए कोसों यानेकी सेल्स का निर्माण निरंतर होता रहता है जैसे-जैसे कोस उत्पन्न होते हैं वैसे-वैसे पुराने कोस स्किन के ऊपर आने लगते हैं। इन कोसों का सृजन ऊपर की स्किन हेयर, कोस, श्वेत (पसीने की) ग्रंथियों, तैलीय ग्रंथियों रक्त वाहिकाओं आदि से मिलकर बनी होती है।

हमारा सरीर लगातार नई कोशिकाओं का निर्माण करती रहती हैं जैसे-जैसे हमारी स्किन पुरानी होती है वह ऊपर की ओर आ जाती है तो आपको सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि आपकी स्किन कैसे बनी है।

स्किन में कितनी लेयर होती है स्किन की रचना

  1. एपिडर्मिस (ऊपर की त्वचा)
  2. डर्मिस। (मध्य की त्वचा)
  3. हाइपोडर्मिस (अंतरिक्ष त्वचा)

स्किन कितने प्रकार की होती हैं। त्वचा के प्रकार :- स्किन के प्रकार सामान्यतः स्किन के 8 प्रकार होते हैं

  • नॉर्मल स्किन (सामान्य त्वचा)
  • ऑयली स्किन (तैलीय त्वचा)
  • ड्राई स्किन (सूखी त्वचा)
  • कॉन्बिनेशन स्किन (मिक्स त्वचा)
  • सेंसिटिव स्किन (संवेदनशील त्वचा)
  • सेलो स्किन
  • मैच्योर स्किन
  • डीहाइड्रेट स्किन

नॉर्मल स्किन (सामान्य त्वचा)

नॉरमल स्किन को हम हिंदी में सामान्य त्वचा के नाम से भी जानते हैं इस तरह की स्किन के लोगों में ना तो ज्यादा फाइल होता है और ना ही ज्यादा रुकी होती हैं। इस तरह के स्किन वाले लोगों की त्वचा में सीबम की मात्रा संतुलित रूप से उत्पन्न होती है और इनके स्किन में ब्लड सरकुलेशन ठीक तरह से होता है। इस तरह की स्किन वाले लोगों को अपने स्किन पर ऑयल फ्री सनस्क्रीन का प्रयोग और रात में सोने से पहले मेकअप अवश्य उतार दें और सोने से पहले रात्रि में चेहरे को धोकर साफ और क्लीन करना ना भूले।

ऑयली स्किन (तैलीय त्वचा)

ऑइली स्किन को हम हिंदी में तैलीय त्वचा के नाम से जानते हैं इस प्रकार के स्किन के लोगों के मुंह पर और सबसे ज्यादा नाक पर तेल दिखाई देता है ऑयली स्किन होने के कारण इनके मुंह पर बहुत से जल्द आ जाते हैं इनकी त्वचा में सीबम का ज्यादा उत्पादन होने से उनके स्किन में ऑयल ज्यादा उत्पन्न होता है जिस वजह से उनके फेस पर हमें ऑयल दिखाई देता है इस तरह की स्किन वाले लोगों को पानी का सेवन ज्यादा करना चाहिए और साथ ही साथ इन्हें अपनी स्किन परमेश्वर रखना चाहिए। दिन में लगभग 2 बार अपने फेस को फेस वॉश से धोना चाहिए।

ड्राई स्किन (सूखी त्वचा)

ड्राई स्किन को हम हिंदी में सूखी त्वचा के नाम से भी जानते हैं इस तरह की स्किन के लोगों की त्वचा रूखी खुदरी और कई पदों की होती है रूखी त्वचा होने के कारण इनको अपनी त्वचा में खिंचाव भी महसूस हो सकता है खिंचाव होने की वजह से उनकी स्किन में जलन का भी एहसास हो सकता है रूखी त्वचा वालों की स्किन फटी फटी से दिखाई देती है। उनकी त्वचा में सीबम कम मात्रा में बनता है जिस वजह से उनकी स्किन ड्राई और सूखी होती है इस तरह की स्क्रीन वाले लोगों को अपनी स्क्रीन पर मोशुराइजर लगाना चाहिए और पानी का सेवन अधिक करना चाहिए।

कॉन्बिनेशन स्किन (मिक्स त्वचा)

कॉन्बिनेशन स्किन को हम हिंदी में मिक्स त्वचा के नाम से जानते हैं। इस तरह की स्किन के लोगों की त्वचा में ऑयली और रूखी दोनों तरह की होती है। तरह की स्किन वाले लोगों कामा थाना और थोड़ी की स्किन के लिए होती है और गले की स्किन ड्राई रहती है इस तरह की स्क्रीन के लोगों को अपनी स्क्रीन पर क्लींजर का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। इस तरह की स्किन के लोगों को स्क्रबिंग के बजाय अपनी स्किन को एक्सफोलिएट करना चाहिए। इन्हें अपनी स्क्रीन पर सनस्क्रीन का प्रयोग अवश्य करना चाहिए और ऑयल फ्री का भी प्रयोग जरूर करना चाहिए।

सेंसिटिव स्किन संवेदनशील त्वचा

सेंसिटिव स्किन को हम हिंदी में संवेदनशील त्वचा के नाम से भी जानते हैं सेंसेटिव स्किन बहुत ही नाजुक तरह की स्किन होती है। इस तरह की स्किन के लोगों को ज्यादा मसालेदार और नए तरह के प्रोडक्ट को अपनी स्किन पर प्रयोग करने से बचना चाहिए यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको आपके स्किन पर कसाब और खिंचाव बना रहेगा। इस तरह की स्किन के लोगों की त्वचा गर्मी में तैलीय हो जाती है और सर्दियों में रूखी हो जाते हैं। आपको अपनी स्किन की देखभाल के लिए हल्के क्लींजर नौशेरा इज अ और संस्कृत का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए।

डीहाइड्रेट स्किन

हमारे शरीर की त्वचा का अधिकांश भाग पानी से बना हुआ है यदि हमारे शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं जाता है तो हमें स्किन संबंधित समस्याएं हो सकती हैं सिर में दर्द होना कई अन्य कारणों से भी हो सकता है परंतु यदि हमारी स्किन को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलता है जिसकी वजह से हमारी स्किन डिहाइड्रेट हो जाती है और हमें सिर दर्द होने लगता है सिर दर्द होने का एक कारण यह भी है। यदि आपके यूरिन का कलर पीला है या डार्क पीला है तो आप को थोड़ा समझने की जरूरत है क्योंकि आपकी स्किन डिहाइड्रेट हो रही है आपको पानी के सेवन की मात्रा को बढ़ाना चाहिए और अपने डाइट में जूस को शामिल करें। पानी की कमी के कारण आपकी स्किन इलेक्ट्रिसिटी खो देती है। इसकी वजह से आपके चेहरे पर झुरिया और फाइन लाइंस दिखाई देने लगती हैं यदि आपकी स्क्रीन पर यह सब दिखाई देती है तो इसका मतलब यह है कि आपकी स्किन डिहाइड्रेट है।

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