SPG क्या है, Blue Book और Yellow Book में बताये गए है SPG के कार्य व नियम

SPG क्या है (SPG Kya Hai), 5 जनवरी 2022 को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला राज्य पंजाब के हुसैनीवाला में राष्ट्रीय शहीद स्मारक से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक फ्लाईओवर पर था उस दौरान लगभग 15 से 20 मिनट के लिए कुछ प्रदर्शनकारियों के कारण प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक हो गई। यह बताया गया है कि प्रदर्शनकारियों के बारे में पंजाब पुलिस को सूचना देने के बावजूद उन्होंने ब्लू बुक के नियमों का पालन नहीं किया जिसके कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन हुआ था।

SPG क्या है

SPG क्या है

एसपीजी क्या है

  • एसपीजी का फुल फॉर्म (SPG Full Form) स्पेशल प्रोटेक्शन (Special Protection Group) ग्रुप है।
  • SPG यानी विशेष सुरक्षा दल हमारे देश की एक सशस्त्र बल है।
  • SPG देश के प्रधानमंत्री पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों की भी सुरक्षा की व्यवस्था करता है।
  • विशेष सुरक्षा दल भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के अंतर्गत आता है।
  • SPG की स्थापना सन 1988 संसद के अधिनियम 4 की धारा 1 (5 ) के अंतर्गत हुई थी।

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क्या है Blue Book? Blue Book किसे कहते हैं?

Blue Book कोई आम बुक नहीं है बल्कि यह एक प्रकार की ऐसी गाइडलाइन का समूह है जिसके अंतर्गत किसी भी VIP के सुरक्षा को ध्यान में रखकर कई प्रकार के नियमों की जानकारी लिखी गई है। जैसे कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखकर कुछ विशेष प्रकार की जिम्मेदारी SPG के पास दी गई है। यह जिम्मेदारी Blue Book के हिसाब से प्रधानमंत्री के सिक्योरिटी के लिए बनाई रही है।

ब्लू बुक के अंतर्गत प्रधानमंत्री के सिक्योरिटी के लिए कई प्रकार के नियम बताए गए हैं। इन नियमों का पालन करके एसपीजी प्रधानमंत्री की सुरक्षा को सुनिश्चित करता है। केवल SPG ही नहीं बल्कि Blue Book के अनुसार राज्य की पुलिस को भी सुरक्षा की व्यवस्था करनी पड़ती है और किसी भी VIP के सुरक्षा को बनाए रखने के लिए Blue Book के अनुसार गाइडलाइन को फॉलो करना पड़ता है और कार्यक्रम भी तय करना पड़ता है।

Yellow Book क्या है?

केवल ब्लू बुक ही नहीं बल्कि Yellow Book भी है जिसके अंतर्गत VIP लोगो की सुरक्षा के लिए कई प्रकार की जानकारी दी गई है। जैसे कि मंत्रियों और सांसदों के लिए किस प्रकार की सुरक्षा दी जानी चाहिए और उनकी सिक्योरिटी का इंतजाम किया जाना चाहिए यह सब जानकारी Yellow Book में विस्तार से दी गई है।

मुख्य बिंदु

  • दिल्ली की एक विशेष सुरक्षा बल को सन 1981 से पहले पहली बार प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी शॉपी गई थी।
  • इंटेलिजेंस ब्यूरो के द्वारा प्रधानमंत्री की सुरक्षा एक स्पेशल टास्क फोर्स को वर्ष 1981 में दी गई थी।
  • पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की वर्ष 1984 में हत्या होने के बाद इस बात का निर्णय लिया गया था कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए एक विशेष समूह को तैयार किया जाना चाहिए।
  • वर्ष 1985 में स्पेशल प्रोटक्शन यूनिट के गठन के लिए सिफारिश गृह मंत्रालय द्वारा की गई थी।
  • उसके बाद वर्ष 1988 में संसद के विशेष सुरक्षा दल अधिनियम 1988 पारित किया गया और उसके बाद स्पेशल प्रोटक्शन यूनिट का नाम बदलकर एसपीजी रखा गया।

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savita kumari

मैं सविता मीडिया क्षेत्र में मैं तीन साल से जुड़ी हुई हूं और मुझे शुरू से ही लिखना बहुत पसन्द है। मैं जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट हूं। मैं candefine.com की कंटेंट राइटर हूँ मैं अपने अनुभव और प्राप्त जानकारी से सामान्य ज्ञान, शिक्षा, मोटिवेशनल कहानी, क्रिकेट, खेल, करंट अफेयर्स के बारे मैं जानकारी प्रदान करना मेरा उद्देश्य है।

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