तैराकी का इतिहास, तैराकी के प्रकार और तैराकी के नियम हिंदी में

तैराकी का इतिहास:- एक प्रचीन खेल है। प्राचय युग में यूनान व रोम में तैराकी प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती थी। तैराकी पर प्रथम पुस्तक जर्मनी के प्रो. निकोलस द्वारा सन् 1588 में लिखी गई। लंदन में लिवरपूल में प्रथम तरणताल सन् 1828 और पहला तैराकी (swimming history and rules) क्लब सन् 1860 में स्थापित किया गया था। 1869 ई. में ‘मेट्रोपोलिटन स्विमिंग एसोसिएशन’ बनाई गई थी। बाद में इस का नाम ‘लंदन स्विमिंग एसोसिएशन’ रखा गया। प्रथम आधुनिक ओलम्पिक खेलों में पुरुषों की तैराकी को सन् 1896 में शामिल किया गया जो एथेंस में आयोजित किए गए थे।

तैराकी का इतिहास (Swimming History and Rules)

तैराकी का इतिहास

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प्रारंभ में तैराकी (तैराकी का इतिहास) प्रतियोगिताएँ समुद्र में आयोजित की जाती थीं क्योंकि वहाँ पर कोई तरणताल नहीं था। ‘फेडरेशन इंटरनेशनल अमैच्योर (International Amateur Federation) सन् 1908 में बनाया गया। ओलम्पिक्स में महिलाओं के लिए तैराकी दौड़ों को सन् 1912 में शामिल किया गया तथा सन् 1973 में तैराकी का प्रथम विश्व कप प्रारम्भ किया गया। सन् 1951 में तैराकी को एशियन खेलों में शामिल किया गया। सन् 1940 में ‘भारतीय तैराकी एसोसिएशन’ की स्थापना की गई। प्रथम तैराकी चैम्पियनशिप सन् 1944 में बम्बई में आयोजित की गई थी। सन् 1928 के ओलम्पिक्स में भारत ने प्रथम बार तैराकी में भाग लिया।

तैराकी के विषय में जानकारी

तरणताल की लम्बाई 50 मी. व चौड़ाई कम से कम 25 मी. व गहराई 1.80 मी. से अधिक होती है। राष्ट्रीय स्तर पर लेन की संख्या 8 और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर 10 होती है। प्रत्येक लेन की चौड़ाई 2.5 मी. होती है। तैराकी में पानी का तापमान +20° सेल्सियस होना चाहिए।

तैराकी के प्रकार

1. बटर फलाई स्ट्रोक

इसमें दोनो बाजू पानी की सतह के ऊपर इकट्ठे आगे से पीछे ले जाने पड़ते हैं। मुकाबला शुरू होने पर और समाप्त होने पर छाती ऊपर और दोनों कन्धे पानी की सतह पर संतुलित हो, पाँवों की क्रियाएँ इकट्ठी हो ।

2. फ्री स्टाईल

फ्री स्टाईल तैराकी का अर्थ किस प्रकार या ढंग से तैराकी है, इससे भाव तैरने का ढंग जो कि बटर फ्लाई स्ट्रोक, ब्रैस्ट स्ट्रोक या बैक स्ट्रोक से अलग हो । फ्री स्टाईल में तैराक का कूदते समय और दौड़ की समाप्ति के समय तैराकी कुंड की दीवार को हाथ से छूना जरूरी नहीं। वह अपने शरीर के किसी अंग से छू सकता है।

3. बैक स्ट्रोक

इसमें भाग लेने वाले शुरू होने वाले स्थान पर उस ओर मुँह करके हाथ कुण्ड पर रखें, पैर पानी में होने जरूरी है। गढ़े में खड़े नहीं हो सकते। शुरू का संकेत मिलने पर दौड़ते समय बैक से (पीठ से) तैरेंगे।

4. ब्रैस्ट स्ट्रोक

इसमें शरीर तथा छाती संतुलित, और दानों कन्धे पानी की सतह के बराबर होंगे। हाथों और पाँवों की क्रियाएँ इकट्ठी होंगी जो कि एक लाईन में हों। छाती से दोनों हाथ इकट्ठे आगे, पानी के अन्दर या ऊपर और पीछे जाने चाहिए। टाँगों की क्रिया में पाँव पीछे से आगे की तरफ मुड़ें। मछली की तरह क्रिया नहीं की जा सकती। मुड़ते समय या समाप्ति पर दोनों हाथों से पानी के अन्दर या ऊपर जरूरी है। सिर का हिस्सा पानी की सतह से ऊपर रहना जरूरी है।

अधिकारी

ओलम्पिक खेलों, विश्व चौम्पियनशिप तथा अन्य अंतर्राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिताओं के लिए निम्नलिखित अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं-

प्रतियोगिताएँ

तैराकी प्रतियोगिताएँ लड़कों के लिए (मीटर) लड़कियों के लिए (मीटर)-

  • फ्री स्टाईल 100, 200, 400, 800 तथा 1500 100, 200, 400
  • बैक स्ट्रोक 100, 200 100
  • ब्रैस्ट स्ट्रोक 100, 200 100
  • बटर फ्लाई स्ट्रोक 100
  • रीले 4 क्र 100 (फ्री स्टाईल) 4क्र 100 (मैडले) 4 क्र
  • 100 (फ्री स्टाईल)
  • रैफरी (1)
  • स्टार्टर (1)
  • मुख्य टाईम-कीपर (3)
  • मुख्य जज (1)
  • समाप्ति के जज (प्रति लेन 3)
  • टर्न के इंसपेक्टर (प्रत्येक लेन में दोनों सिरों पर एक-एक)
  • अनाऊंसर (2)
  • रिकार्डर (1)
  • क्लर्क ऑफ दी हाऊस (1)

परंतु अन्य प्रतियोगिताओं के लिए कम से कम निम्नलिखित अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं।

  • रैफरी (1)
  • स्टार्टर (1)
  • टाईम-कीपर (प्रति लेन 1)
  • सामाप्ति के जज (प्रति लेन 1 )
  • टर्न तथा स्ट्रोक इंसपेक्टर (प्रत्येक दो लेनों के लिए 1)
  • रिकार्डर (1)

तैराकी के नए सामान्य नियम

  1. तैरते समय एक तैराक जो तल पर रेस के दौरान खड़ा हो जाता है उसे अयोग्य घोषित नहीं किया जाता।
  2. जो प्रतियोगी सारे कोर्स को सबसे पहले तैर कर पार कर लेता है उसे विजेता घोषित किया जाता है।
  3. एक प्रतियोगी यदि प्रतियोगिता के दौरान साइड की लाइनों वाले प्रतियोगियों के लिए बाधा उत्पन्न करता है तो उसे अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
  4. अगर किसी फाउल के कारण तैराक की सफलता की संभावना खतरे में पड़ती है तो उसे अगले राउंड में भाग लेने की आज्ञा दी जा सकती है।
  5. तैराक को जल मार्ग की सारी दूरी तैर कर ही पार करनी पड़ती है।

तैराकी के मूलभूत कौशल

  1. बैक स्ट्रोक,
  2. बटरफ्लाई स्ट्रोक,
  3. स्टार्स,
  4. टर्न्स,
  5. फ्री स्टाइल,
  6. ब्रैस्ट स्ट्रोक ।

महत्त्वपूर्ण टूर्नामेंट्स व स्थान

  1. नेशनल स्विमिंग चैम्पियनशिप,
  2. वर्ल्ड कप स्विमिंग चैम्पियनशिप,
  3. ओलम्पिक स्विमिंग चैम्पियनशिप,
  4. कॉमनवैल्थ गेम्स,
  5. नेशनल स्विमिंग चैम्पियनशिप (सब-जूनियर),
  6. एशियन गेम्स स्विमिंग चैम्पियनशिप,
  7. ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी स्विमिंग चैम्पियनशिप,
  8. एन. आई. एस. पटियाला,
  9. स्पोर्ट्स स्कूल, राई (हरियाणा),
  10. एच. ए. यू. स्विमिंग पूल, हिसार,
  11. पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़,
  12. बार हीरोज स्टेडियम अम्बाला कैंट,
  13. एडमन्टम स्विमिंग पूल,
  14. एच. वी. पी. एम. स्विमिंग पूल, अमरावती,
  15. तालकटोरा स्टेडियम, नई दिल्ली,
  16. के. के. स्विमिंग पूल

प्रसिद्ध खिलाड़ी

तैराकी के खेल में भाग लेने वाले कुछ प्रमुख भारतीय तथा विश्व में प्रसिद्ध खिलाड़ियों की सूची नीचे दी गई है

भारतीय खिलाड़ी

  1. भँवर सिंह,
  2. अनिता सूद,
  3. खजान सिंह,
  4. बुल्ला चौधरी
  5. जे. अभिजीत,
  6. रीमा दत्ता,
  7. निशा मिलेट,
  8. सेबिस्चियन जेवियर,
  9. आरती साहा,
  10. मिहिर सेन

विश्व के अन्य खिलाड़ी

  1. मार्क स्पिटिज,
  2. जॉन मेबर,
  3. मैट्स विओडी,
  4. टॉम जेगर,
  5. फ्रेजर,
  6. इयान थोर्प,
  7. डंकन आर्मस्ट्रांग,
  8. रोन गोल्ड,
  9. क्रिस्टीन ओटो,
  10. कार्नेलिया एंडर,
  11. माइकल फेल्प्स

अर्जन पुरस्कार विजेता

  1. बुल्ला चौधरी
  2. एम. वी. कुचलीशयन
  3. सुश्री मानू सचदेवा
  4. निशा मिलेट
  5. सेबिस्थिन जेवियर व जे. अभिजीत
  6. शिखा टंडन

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Kamlesh Kumar

मेरा नाम कमलेश कुमार है। मैं मास्टर इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (Master in Computer Application) में स्नातकोत्तर हूं और CanDefine.com में एडिटर के रूप में कार्य करता हूँ। मुझे इस क्षेत्र में 3 वर्ष का अनुभव है और मुझे हिंदी भाषा में काफी रुचि है। मेरे द्वारा स्वास्थ्य, कंप्यूटर, मनोरंजन, सरकारी योजना, निबंध, जीवनी, क्रिकेट आदि जैसी विभिन्न श्रेणियों पर आर्टिकल लिखता हूँ और आपको आर्टिकल में सारी जानकारी प्रदान करना मेरा उद्देश्य है।

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