तूफान का नामकरण कैसे होता है? तूफान का नाम कैसे रखते हैं?

क्या आप जानते है की तूफान का नामकरण कैसे होता है (Tufan Ka Naamkaran Kaise Hota Hai), तूफान का नाम कैसे रखते हैं, जानते है इससे जुड़ी सारी जानकारी। हर साल भारत में चक्रवाती तूफान आते हैं इन्हें प्राकृतिक आपदा के अंतर्गत शामिल किया जाता है।

तूफान का नामकरण कैसे होता है (Tufan Ka Naamkaran Kaise Hota Hai)

तूफान का नामकरण कैसे होता है
Tufan Ka Naamkaran Kaise Hota Hai

तूफान का नामकरण कैसे होता है

आप सभी ने कई तूफानों का सामना किया होगा या फिर उनके आने की खबर सुनी होगी। हाल ही में मई 2021 में भारत दो तूफानों से गुजरा है पहला है ताउते जोकि अरब सागर में उत्पन्न हुआ थाऔर दूसरा है यास जो बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न हुआ था।

बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में लगभग हर साल चक्रवाती तूफान आते हैं और साथ ही भारत के पश्चिमी तट पर और पूर्वी तट पर तबाही लेकर आते हैं। भारत में अक्सर इन्हीं दो जगहों से तूफान आते हैं इन तूफानों को उष्णकटिबंधीय चक्रवात कहा जाता है यानी ट्रॉपिकल साइक्लोन।

उष्णकटिबंधीय चक्रवात

उष्णकटिबंधीय चक्रवात (ट्रॉपिकल साइक्लोन) कि उत्पत्ति जल पर होती है समुद्र का तापमान 27 डिग्री से अधिक होना चाहिए। जब यह तापमान सामान्य से ऊपर हो जाता है जिससे बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में दबाव का क्षेत्र बन जाता है।

तब यह धीरे धीरे चक्रवाती रूप ले लेता है। जब कभी भी बंगाल की खाड़ी और अरब सागर का तापमान सामान्य से अधिक रहा है उस समय इन दोनों क्षेत्रों में तूफान की उत्पत्ति होने लगती है। आप सब यह बात तो बहुत अच्छे से जानते होंगे कि दुनिया को 2 गोलार्ध में बांटा गया है उत्तरी गोलार्ध और दक्षिणी गोलार्ध

जब उत्तरी गोलार्ध में तूफान आते हैं वह घड़ी के सुई के विपरीत दिशा जैसे बनते हैं (एंटी क्लॉक वाइज)और जो दक्षिणी गोलार्ध में तूफान उत्पन्न होते हैं वह घड़ी की सुई की दिशा जैसे घूमते हैं ( क्लॉक वाइज )।

भारत उत्तरी गोलार्ध में है तो यहां पर आने वाले उष्णकटिबंधीय चक्रवात (ट्रॉपिकल साइक्लोन) एंटी क्लॉक वाइज मैं बनते हैं यानी घड़ी की विपरीत दिशा।

इस बार भारत में आए दो चक्रवाती तूफान भारत के पश्चिमी और पूर्वी तट से टकराए थे। पहला ताउते जिसकी उत्पत्ति अरब सागर में हुई थी, उसका नाम म्यानमार देश द्वारा रखा गया था और दूसरा चक्रवाती तूफान यास जिसकी उत्पत्ति बंगाल की खाड़ी में हुई थी। उसका नाम ओमान देश द्वारा रखा गया था।

अब आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि आखिर यह नाम क्यों रखे जाते हैं? और कैसे रखे जाते हैं? और भारत में उत्पत्ति हुई तूफानों के नाम अन्य देशों द्वारा क्यों रखा जाता है? तो आइए हम आपको स्पष्ट रूप से समझाते हैं।

चक्रवाती तूफान का नाम क्यों रखा जाता है?

चक्रवाती तूफानों का नाम रखने के पीछे मुख्य कारण यह है कि कोई भी व्यक्ति इन चक्रवाती तूफानों के बारे में अच्छे से स्टडी कर सके या फिर उनके बारे में जान सके। तूफानों के नाम के जरिए हम यह आसानी से जान सकते हैं कि कौन सा तूफान किस साल किस क्षेत्र में कितनी तबाही लाया था।

कैसे रखा जाता है चक्रवाती तूफान का नाम?

साल 2000 में विश्व मौसम विज्ञान संगठन के 8 देशों के सदस्यों ने मिलकर यह फैसला लिया था। चक्रवाती तूफानों के नाम तय करने की एक लंबी प्रक्रिया होती है। इसमें यह तय किया जाता है कि आने वाले चक्रवाती तूफानों के नाम कैसे रखना है।

तूफान का नामकरण कैसे होता है

इन 8 देशों के नाम है:- बांग्लादेश, म्यानमार, थाईलैंड, भारत, श्रीलंका, मालदीव, ओमान और पाकिस्तान। साल 2018 में पांच और देशों को शामिल किया गया इनके नाम है :-इरान, कतर, सऊदी अरब, यमन और यूएई

जिसके बाद कुल देश मिलाकर 13 हो गए। यह सभी 13 देश 13 – 13 नामो की सूची बनाते हैं उसके बाद क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्रो को भेज दिया जाता है। जैसे ही कोई चक्रवात जैसी स्थिति बनने लगती है उन नामों की सूची में से अल्फाबेटिकल ऑर्डर के हिसाब से देखा जाता है कि अब किस देश की बारी है।

मान लीजिए कि इस बार इंडिया यानी भारत की बारी है तो भारत देश द्वारा दिए गए नामों मैं से अगले चक्रवाती तूफान का नाम रखा जाएगा यह सूची सभी 13 देशों द्वारा पहले ही तैयार की जा चुकी होती है। साल 2004 से इस काम को क्षेत्रीय विशिष्ट मौसम विज्ञान केंद्र करता आ रहा है।

रीजनल स्पेशलाइज मेट्रोलॉजिकल सेंटर यानी आर एस एम सी कहते हैं। पूरे विश्व में कई मौसम विज्ञान केंद्र हैं जिनमें भारत भी शामिल है भारत का मौसम विज्ञान केंद्र दिल्ली में स्थित है।

इस साल आए तूफान तोते का नाम म्यानमार द्वारा रखा गया था और तूफान व्यास जो बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न हुआ था उसका नाम ओमान द्वारा रखा गया था। शुरुआत में विश्व मौसम विज्ञान संगठन मैं कुल 8 देश है जिस वजह से सभी देशों द्वारा 8-8 नाम दिया जाता था।

लेकिन जब इसमें पांच देश और आकर जुड़ गए तब तेरा तेरा नाम दिए जाने लगे जोकि कुल मिलाकर एक्सो 69 नाम नामों की सूची बन गई जो कि क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र को भेजी गई। और फिर उसी आधार पर आईएमडी ने इस साल 169 नामों की सूची जारी की सामने रखी जिसके हिसाब से तूफानों का नाम चयन किया गया है।

सबसे पहला नाम निसर्ग दिया गया जो कि बांग्लादेश ने रखा था। अगले तूफान का नाम गति रखा गया जो कि भारत द्वारा दिया गया था उसके बाद निसार जो कि ईरान द्वारा रखा गया था।

अब आप समझ ही गए होंगे कि यह नाम कैसे रखे जाते हैं देशों की सूची में अंग्रेजी के अक्षरों यानी अल्फाबेटिकल ऑर्डर तो आप समझ ही गए होंगे बी से बांग्लादेश आई से इंडिया आई से ईरान एम से मालदीव्स इस तरह तूफानों के नाम अलग-अलग देशों द्वारा रखे जाते हैं।

Q1 : निसर्ग तूफान का नाम किस देश ने दिया?

Ans : निसर्ग तूफान का नाम बांग्लादेश ने दिया।

Q2 : निवार तूफान का नाम किस देश ने दिया?

Ans : निवार तूफान का नाम ईरान देश ने दिया।

Q3 : अम्फान तूफान का नाम किस देश ने दिया?

Ans : अम्फान तूफान का नाम थाईलैंड देश ने दिया।

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