यू टी आई संक्रमण क्या है? यू टी आई के लक्षण क्या होते है?

यू टी आई संक्रमण क्या है

यू टी आई संक्रमण क्या है (U.T.I Sankraman Kya Hai) :- यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यू.टी.आई) की शिकायत पुरुषों की तुलना में महिलाओं को प्रायः ज्यादा होती है। एक चिकित्सकीय अध्ययन के अनुसार 100 में से 20 स्त्रियों को जीवन के किसी न किसी उम्र पड़ाव पर यह रोग होता है। यदि मर्ज के इलाज में लापरवाही बरती गयी, तो यह गुर्दा के लिए घातक हो सकता है।

यू टी आई संक्रमण क्या है (U.T.I Sankraman Kya Hai)

यू टी आई संक्रमण क्या है
यू टी आई संक्रमण क्या है (U.T.I Sankraman Kya Hai)

यू टी आई संक्रमण क्या है (U.T.I Sankraman Kya Hai)

महिलाओं और पुरुषों की यूरिनरी ट्रैक्ट (मूल-नली) की संरचना में काफी अंतर होता है। पुरुषों में इस ट्रैक्ट के चारों ओर प्रोस्टेट ग्रंथि होती है। इसके अलावा यह 25 से.मी. लंबी भी होती है। इसके विपरीत महिलाओं में यह नली केवल 4 से 5 से.मी. ही लंबी होती है।

यही नहीं इस नली का मुख योनि (वैजाइना) के काफी करीब खुलता है। इस कारण महिलाओं में यू.टी.आई यानी मूत्र-संक्रमण होने की संभावनाएं काफी ज्यादा होती हैं। शरीर के कुछ भागों से यह संक्रमण हो सकता है:

यूरेथ्राइटिस:– यह स्थिति उस समय आती है, जबकि यूरेथ्रा (पेशाब की थैली के मुख) में कीटाणु पहुँच कर यूरीनरी ब्लैडर (मूत्राशय) में प्रवेश कर जाते हैं।

सिस्टाइटिस:- जब यूरीनरी ब्लैडर तक संक्रमण पहुँच जाता है।

यू टी आई के लक्षण

  1. जल्दी-जल्दी पेशाब करने जाना इस रोग का एक शुरुआती लक्षण है। मरीज को पेशाब रोकने में दिक्कत होती है और उसे पेशाब करने में ज्यादा समय लगता है। साथ ही रुक-रुक कर व बूंद-बूंद पेशाब होना और पेशाब के समय जलन की शिकायत भी होती है।
  2. शादी के तुरंत बाद स्वच्छता का ध्यान न रखने के कारण कुछ महिलाएं यू.टी.आई. की गिरफ्त में आ जाती हैं। इस संक्रमण के कारण पेशाब में जलन पैदा होती है।
  3. उम्र बढ़ने के साथ कुछ महिलाओं में यह शिकायत पकड़ जाती है। इस शिकायत में ब्लैडर की क्षमता इतनी कम हो जाती है कि छींकने, खाँसने पर पेशाब छूट जाती है।

यू टी आई के कारण

संक्रमण के अलावा कभी-कभी यह रोग स्त्री हार्मोनों की कमी और मूत्र हार्मोनों की कमी और मूत्र थैली के विकारों के कारण भी हो सकता है। अस्वच्छता और एक से अधिक पुरुषों के संसर्ग में आना और काफी देर तक पेशाब को रोके रखने से भी यह मर्ज संभव है। इसके अलावा गर्भावस्था और मासिक चक्र के बंद होने के बाद भी कुछ महिलाओं में यह शिकायत पकड़ सकती है।

यू टी आई संक्रमण के लिए जाँच

स्त्री रोग विशेषज्ञ के परामर्श से मूत्र का ‘कल्चर’, ‘सेन्सिविटी’, ‘आई वी पी’ और ‘सिस्टोग्राफी’ परीक्षण कराये जाते हैं।

यू टी आई संक्रमण से बचाव व उपचार

इस मर्ज की रोकथाम में स्वच्छता का बेहद महत्व है। मल-मूत्र त्याग के बाद साफ पानी से गोपनीय अंगों को अच्छी तरह धोएं। इसी तरह संभोग के बाद भी प्रजनन अंगों को साफ पानी से धोना चाहिए। सूती व स्वच्छ अंदरूनी वस्त्र धारण करें। प्रचुर मात्रा में पानी पिएं और स्त्री रोग विशेषज्ञ से तत्काल संपर्क करें।

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